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तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही: 16 लोगों की मौत; पाकिस्तान-चीन में भी सुबह-सुबह कांपी धरती

Fri, 23 Oct 2026 06:41 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, तिब्बत, चीन और म्यांमार में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। इनमें सबसे तेज भूकंप तिब्बत में 7.0 तीव्रता का था, जबकि चीन में 5.2 और म्यांमार में 3.5 तीव्रता का झटका दर्ज हुआ।
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भूकंप के झटके - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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तिब्बत में गुरुवार शाम आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में भूकंप के झटकों से सैकड़ों मकान ढह गए।

नागचू के अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण 339 घर और पशुओं को रखने के 20 बाड़े गिर गए। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इस काम में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को लगाया गया है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसमें करीब 3,000 तंबू, 1,000 तैयार आवासीय इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में काम आने वाले कपड़े शामिल हैं।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 10 बजकर 33 मिनट पर आया। इसका केंद्र नागचू से 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के कम आबादी वाले ऊंचाई वाले इलाके में स्थित था। इसकी गहराई 18 किलोमीटर दर्ज की गई। नागचू तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर में स्थित है।
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तिब्बत, चीन और म्यांमार में दर्ज किए गए भूकंप के झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्तूबर की रात से 23 अक्तूबर की रात 12:51 बजे तक कुल 18 भूकंपीय घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। इनमें तिब्बत में 13, चीन में चार और म्यांमार में एक घटना शामिल है।

एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे तेज भूकंप 22 अक्तूबर को भारतीय समयानुसार रात 8:03:42 बजे तिब्बत में दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 7.0 बताई गई। इसके बाद भी तिब्बत और चीन के अलग-अलग क्षेत्रों में कई झटके रिकॉर्ड किए गए। वहीं, म्यांमार में 23 अक्तूबर को रात 12:51 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ।
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तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप, बाद में भी आए झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की सूची के अनुसार, तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद कई अन्य भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 5.0, 4.8, 4.7, 4.6, 4.4 और 4.3 तीव्रता के झटके शामिल हैं। 23 अक्तूबर को रात 12:01 बजे तिब्बत में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इससे पहले रात 11:55 बजे 4.4 और रात 11:36 बजे 4.8 तीव्रता के झटके रिकॉर्ड हुए थे। इस तरह मुख्य भूकंप के बाद भी रात के दौरान क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होती रहीं। 

चीन में 5.2 तीव्रता तक के झटके
एनसीएस के आंकड़ों में चीन में चार भूकंपीय घटनाएं दर्ज हैं। इनमें सबसे तेज झटका 22 अक्तूबर को रात 8:29 बजे आया, जिसकी तीव्रता 5.2 थी। इसके बाद रात 9:27 बजे 5.0 और रात 10:15 बजे 4.9 तीव्रता के भूकंप रिकॉर्ड किए गए।

23 अक्तूबर को रात 12:35 बजे चीन में 4.3 तीव्रता का एक और झटका दर्ज हुआ। इन आंकड़ों के मुताबिक, चीन में दर्ज भूकंपों की तीव्रता 4.3 से 5.2 के बीच रही।

म्यांमार में 3.5 तीव्रता का भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, म्यांमार में 23 अक्तूबर को रात 12:51 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसकी गहराई 99 किलोमीटर बताई गई है। वहीं, सूची में दर्ज कई अन्य भूकंपीय घटनाओं की गहराई 15 किलोमीटर रही।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप
पाकिस्तान में शुक्रवार सुबह 4 बजकर 56 मिनट 49 सेकंड (भारतीय समयानुसार) पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र 28.919 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 64.678 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन से 15 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। वहीं अफगानिस्तान में भी सुबह 5 बजकर 54 मिनट 48 सेकंड (भारतीय समयानुसार) पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 35.138 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.442 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई 25 किलोमीटर दर्ज की गई।

क्यों आते हैं भूकंप?
पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं। जब इनके बीच दबाव बढ़ता है और चट्टानों में जमा ऊर्जा अचानक निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। इन्हीं तरंगों से धरती की सतह पर कंपन महसूस होता है।

भूकंप का असर उसके केंद्र से दूरी, गहराई, तीव्रता और स्थानीय जमीन की प्रकृति पर निर्भर करता है। अधिक तीव्रता वाले भूकंप के झटके दूर तक महसूस किए जा सकते हैं, लेकिन नुकसान की मात्रा केवल तीव्रता से तय नहीं होती।

भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता और उससे निकलने वाली ऊर्जा का आकलन आधुनिक भूकंपमापी उपकरणों और वैज्ञानिक माप-पद्धतियों से किया जाता है। समाचारों में अक्सर भूकंप का परिमाण बताया जाता है, जिसे कई बार सामान्य बोलचाल में रिक्टर स्केल की तीव्रता कहा जाता है। वैज्ञानिक रिपोर्टों में इसकी गणना के लिए अलग-अलग पैमानों का इस्तेमाल हो सकता है।

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