अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले युवा मतदाताओं के बीच ट्रंप के कामकाज को लेकर असंतोष बढ़ा है। सर्वे में 79 फीसदी युवा नाखुश दिखे, जबकि 70 फीसदी का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर बताया गया। अर्थव्यवस्था और महंगाई इस नाराजगी की प्रमुख वजह हैं।
अमेरिका के युवा मतदाताओं का झुकाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी से छिटककर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी के ताजा सर्वे के मुताबिक, 18 से 29 साल के 70% मतदाता खुद को डेमोक्रेट मानते हैं या इस पार्टी की ओर झुकाव रखते हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह आंकड़ा 55% था। यानी दो साल में 15% अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।
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सर्वे के मुताबिक, अब अपने क्षेत्र में कांग्रेस के चुनाव के लिए युवा मतदाता डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को रिपब्लिकन उम्मीदवार के मुकाबले 44% अंकों की बढ़त दे रहे हैं। दो साल पहले अंतर सिर्फ 10 था। ट्रंप के कामकाज को लेकर युवाओं में नाराजगी भी सबसे ज्यादा है। केवल 16% युवा उनके राष्ट्रपति के रूप में कामकाज से संतुष्ट हैं, जबकि 79% ने असहमति जताई। ऐसा नहीं है कि युवाओं के दूर होने का संकेत किसी एक सर्वे से मिल रहा हो। तमाम अन्य सर्वे भी यही बताते हैं कि 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले युवाओं में समर्थन में सबसे तेज गिरावट आई है। सीएनएन के मुताबिक डेमोक्रेट्स को युवाओं के बीच 31 अंकों की बढ़त हासिल है। येल यूथ पोल के मुताबिक, 68% युवा (18 से 22 वर्ष) ट्रंप की नीतियों से असंतुष्ट है। वहीं, 72% युवा (23 से 29 वर्ष) को उनका कामकाज नहीं भा रहा।
युवाओं की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह अर्थव्यवस्था है। न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी के सर्वे में 94% युवाओं ने आर्थिक हालात को खराब या औसत से कमजोर बताया। 86% ने अर्थव्यवस्था संभालने के ट्रंप के तरीके को नापसंद किया।
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रिपब्लिकन से नाराज
77% युवाओं ने कहा कि रिपब्लिकन गलत मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ज्यादा कट्टर, अभिजात्य और भ्रष्ट है।
18 से 29 साल के युवाओं ने सभी प्रमुख मुद्दों पर डेमोक्रेट को बेहतर माना।
डेमोक्रेट भी पसंद नहीं
54% युवाओं ने कहा-डेमोक्रेट सही मुद्दों पर ध्यान दे रहे
41% का मानना था कि पार्टी की प्राथमिकताएं गलत हैं
ट्रंप की रेटिंग में गिरावट क्यों?
ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अक्टूबर 2026 में निचले स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई, पेट्रोल कीमतें, ईरान युद्ध पर बढ़ी नाराजगी।
समर्थक भी छोड़ रहे साथ
दो साल पहले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को वोट देने वालों में से लगभग दो-तिहाई अब भी समर्थन करते हैं, लेकिन उनका समर्थन शुरुआत के 95% से गिरा है। रिपब्लिकनों के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 88% से घटकर 74% रह गई है।
यदि ट्रंप/रिपब्लिकन मिड-टर्म हारे तो क्या होगा?
अगर डेमोक्रेट ने संसद में बढ़त हासिल कर ली तो ट्रंप को अंतिम दो साल के कार्यकाल में काफी हद तक रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ेगा।
बजट, जांच, नियुक्तियों की मंजूरी और कानूनी रुकावटों का नियंत्रण डेमोक्रेट्स के पास चला जाएगा। डेमोक्रेट-नियंत्रित सदन ट्रंप के बड़े कानूनों और बजट प्रस्तावों को रोक सकेगा। सदन की समितियां ट्रंप प्रशासन की नीतियों, खर्चों और निर्णयों की जांच शुरू कर सकती हैं।
लेकिन एकदम ट्रंप एकदम बेबस नहीं हो जाएंगे। वह राष्ट्रपति के तौर पर वीटो का उपयोग कर सकेंगे और न्यायिक/प्रशासनिक नियुक्तियां कर सकेंगे।
2028 की राजनीति प्रभावित होगी...हार से रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप-विरोधी या उत्तराधिकारी-खोजने की बहस तेज हो सकती है, जबकि डेमोक्रेट्स को नीतिगत विकल्प पेश करने का मौका मिलेगा।
मतदाताओं का रुख
अब ट्रंप की पार्टी के पक्ष में नहीं
कैलिफोर्निया के ट्रक ड्राइवर 27 वर्षीय इसाक जुआरेज ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि ट्रंप की नीतियों से अर्थव्यवस्था सुधरेगी। लेकिन अब पेट्रोल की महंगी कीमतें और आव्रजन अधिकारियों की कार्रवाई से जुड़े अनुभवों ने उनका नजरिया बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ नहीं आता कि उन्होंने ट्रंप को वोट क्यों दिया था।
डेमोक्रेट पार्टी को वोट दूंगी
जॉर्जिया के एथेंस शहर में रहने वाली 21 वर्षीय मेडिकल असिस्टेंट केलिन हिचकॉक को हर महीने खर्च चलाने में मुश्किल होती है। वह 17 डॉलर प्रति घंटे कमाती हैं। उनके मुताबिक, महंगे मकान, पेट्रोल की कीमतें और वेतन में पर्याप्त बढ़ोतरी न होना बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं दिया था, लेकिन अब मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देने का इरादा रखती हैं।