दक्षिणी ईरान में शनिवार तड़के करीब 3 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां इसकी तीव्रता 6.0 रही। इसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिणी ईरान में शनिवार को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप के कारण पांच लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य लोग घायल हो गए। सरकारी टीवी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तेहरान से करीब 1,000 किमी दक्षिण में सायेह खोश गांव में था। गांव के पास बचाव दल तैनात किए गए हैं।
होरमोजगान प्रांत के इस गांव में करीब 300 लोग रहते हैं। इलाके में भूकंप के बाद भी झटके महसूस किए गए, जिससे कई इमारतें और बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। भूकंप पड़ोसी देशों में भी महसूस किया गया। क्षेत्र में हालिया सप्ताह में भूकंप के कई मामूली झटके आ चुके हैं।
वहीं चीन के झिंजियांग में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। फिलहाल किसी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी है।
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।