विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय संघ (ईयू) के उच्च नेता और विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ समझौतों को लागू करने और प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। जयशंकर बेल्जियम की राजधानी ब्रशेल्स की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री ने सोमवार को ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कल्लास के निमंत्रण पर यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक में भाग लिया।
बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। विदेश मंत्रियों ने दोनों पक्षों के बीच हुए विभिन्न समझौतों को ठोस परिणामों में बदलने पर चर्चा की। हमारी बातचीत में विशेष रूप से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, आवागमन और रक्षा जैसे मुद्दे शामिल थे।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी की मुलाकात
उन्होंने कहा कि नेताओं ने पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्री ने बेल्जियम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की। इस वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हाल की घटनाओं पर चर्चा की गई। विदेश मंत्री जयशंकर ने लेयेन के समकालीन वैश्विक घटनाओं पर दृष्टिकोण की सराहना की।
मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से आज दोपहर मिलना खुशी की बात थी। इस जनवरी में उनका भारत का अत्यंत सफल राज्य दौरा हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हम इसके फॉलो-अप पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उनके समकालीन वैश्विक घटनाओं पर विचारों की सराहना करता हूं।"
जयशंकर से मुलाकात के बाद क्या बोलीं उर्सुला?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी के कुशल क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि दोनों देशों के लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "आज एस. जयशंकर के साथ अच्छी बैठक हुई। जनवरी में ईयू-इंडिया शिखर सम्मेलन में हमने अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।"
उन्होंने आगे कहा, "अब हम इसके कुशल क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यूरोप और भारत के लोगों के लिए जल्द से जल्द लाभ पहुंच सके। हमने मध्य पूर्व और यूक्रेन की घटनाओं पर भी चर्चा की। शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा हमारे साझा लक्ष्य हैं।"
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