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S Jaishankar: विदेश मंत्री तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में ब्रसेल्स पहुंचे, बेल्जियम के पीएम को दी बधाई

Tue, 16 May 2023 03:51 AM IST
वीरेंद्र शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से डी क्रू को व्यक्तिगत बधाई दी, जिसमें वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी शामिल थे।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को बांग्लादेश, स्वीडन और बेल्जियम की अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में ब्रसेल्स पहुंचे। यहां उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डी क्रू से मुलाकात की।
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जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से डी क्रू को व्यक्तिगत बधाई दी। बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी मौजूद थे। जयशंकर स्वीडन के तीन दिवसीय दौरे के बाद बेल्जियम पहुंचे। यहां उन्होंने व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर मंगलवार को होने वाली भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए ब्रसेल्स गए हैं। 
 
छह दिवसीय यात्रा पर जयशंकर
जयशंकर बांग्लादेश, स्वीडन और बेल्जियम की छह दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को रवाना हुए थे। अपनी इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय ढांचे के तहत तीनों देशों के साथ भारत के जुड़ाव को और मजबूत करने के तरीकों पर वार्ता कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अपनी यात्रा के पहले चरण में जयशंकर 11 और 12 मई को ढाका पहुंचे थे। 13 से 15 मई तक स्वीडन पहुंचे। तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वे बेल्जियम पहुंचे। जहां वे दो दिन 15 और 16 मई तक रहेंगे। 
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पुरानी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के लाभार्थी इसके सुधार के खिलाफ : जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार का विरोध करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पुरानी व्यवस्था के लाभार्थी हैं, वे उसमें बदलाव का विरोध कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह उनके विशेषाधिकार को कमजोर कर देगा। जयशंकर यूरोपीय संघ (ईयू) हिंद-प्रशांत मंत्रिस्तरीय मंच में शामिल होने के लिए स्वीडन के तीन दिनी दौरे पर हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय से भारत में हो रहे बदलाव का जिक्र किया। भारत के सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की संभावना पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक गुजरते साल के साथ संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता सवालों के घेरे में आ रही है और अच्छे के लिए इसमें सुधार किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र को 1940 के दशक में बनाया गया था और भारत चार्टर का मूल हस्ताक्षरकर्ता था, लेकिन भारत उस वक्त स्वतंत्र देश नहीं था।   
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