विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को सऊदी अरब और कतर के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति का जायजा लिया और उन्हें और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बता दें कि एस. जयशंकर रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब की राजधानी पहुंचे, जहां वे पहली भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मुलाकात
उन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति पर चर्चा की। जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज रियाद में सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का जायजा लिया और वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। भारत में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।
कतर के प्रधानमंत्री से भी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
वहीं एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से भी मुलाकात की, जो विदेश मंत्री का कार्यभार भी संभाल रहे हैं। इस मुलाकात पर उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अल थानी के साथ अच्छी बैठक के साथ दिन की शुरुआत की। भारत-कतर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। क्षेत्रीय विकास पर उनकी अंतर्दृष्टि और आकलन की सराहना की।
जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लेवरोव से भी मुलाकात की। भारत में रूसी दूतावास ने इसकी जानकारी दी। इसके अलावा जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या से दोबारा मिलकर खुशी हुई। हमने कुवैत में हाल ही में अपनी बैठक को याद किया।"
जीसीसी सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ करेंगे बैठकें
रियाद में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के कई अन्य जीसीसी सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है। जीसीसी एक प्रभावशाली समूह है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत शामिल हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में जीसीसी देशों के साथ भारत का कुल व्यापार 184.46 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा। वहीं यात्रा से पहले, विदेश मंत्रालय ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा कि भारत और जीसीसी के बीच व्यापार और निवेश, ऊर्जा, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों सहित गहरे और बहुआयामी संबंध हैं। जयशंकर अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में यहां आए हैं।