एस जयशंकर ने पेरिस में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल से मुलाकात की।
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विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर इन दिनों छह दिनों के फ्रांस और लक्जमबर्ग दौरे पर हैं। जहां उन्होंने सोमवार को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बायरोल से मुलाकात की। इस बैठक में वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और भारत की विकास प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि उन्हें वैश्विक ऊर्जा स्थिति पर आईईए प्रमुख का आकलन और भारत की विकास यात्रा के प्रति उनके समर्थन से प्रसन्नता हुई।
यह बैठक विदेश मंत्री के यूरोप के आधिकारिक दौरे के दौरान हुई, जिसका उद्देश्य भारत और यूरोपीय देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। पेरिस प्रवास के दौरान डॉ. जयशंकर ने 'सी क्वि से ट्रैम - भारत और फ्रांस के बीच बुनी गई कहानियां' नामक प्रदर्शनी का भी दौरा किया। इस प्रदर्शनी में भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा, कारीगरी और रचनात्मकता को प्रदर्शित किया गया है। इस विषय में विदेश मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत और फ्रांस के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव की याद दिलाती है।
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छह दिवसीय यूरोप दौरा
बता दें कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 4 से 10 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। फ्रांस में वे देश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और फ्रांसीसी विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बारो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन चर्चाओं में भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। पेरिस में रहते हुए डॉ. जयशंकर फ्रेंच एंबेसडर्स कॉन्फ्रेंस के 31वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। इस मंच से वे वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भारत के दृष्टिकोण को साझा करेंगे।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। 26 जनवरी 1998 को शुरू हुई यह भारत की पहली रणनीतिक साझेदारी थी। रक्षा, सुरक्षा, असैन्य परमाणु सहयोग और अंतरिक्ष इसके मुख्य स्तंभ रहे हैं, जो अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद निरोध, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा तक विस्तारित हो चुके हैं।
लक्जमबर्ग में भी होंगे अहम संवाद
फ्रांस के बाद विदेश मंत्री लक्जमबर्ग जाएंगे, जहां वे उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। यहां चर्चा का केंद्र द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना होगा। इसके साथ ही वे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। भारत और लक्जमबर्ग के बीच राजनयिक संबंध 1948 में स्थापित हुए थे। लक्जमबर्ग ने 2002 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था।
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यूरोप से रिश्तों को नई मजबूती
गौरतलब है कि जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच गई है। यह यात्रा भारत की यूरोपीय साझेदारों के साथ रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहराई देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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