विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में आतंकवाद के कारण इंसानों को होने वाले नुकसान को दिखाया गया है। इसमें उन हमलों को भी दिखाया गया है, जो पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों पर किए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा, कुछ हफ्ते पहले यूएनएससी ने दुनिया में हुए एक बेहद भयावह आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी। परिषद ने इस हमले के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की मांग की थी। इसके बाद हमने देखा कि कार्रवाई की गई। यह जवाब साफ दिखाता है कि अब दुनिया आतंकवाद को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को और गंभीरता से अपना रही है।
जयशंकर ने कहा, जब आतंकवाद को कोई राज्य समर्थन देता है तो उसे सार्वजनिक रूप से बेनकाब करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसके खिलाफ दुनिया को एकजुट होकर कड़े कदम उठाने होंगे।
विदेश मंत्री ने बताया कि जब राज्य की ओर से किसी पड़ोसी देश के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन प्राप्त होता है और कट्टरता से बढ़ावा मिलता है, तो इसे सार्वजनिक रूप से बेनकाब करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी उन लोगों को आवाज देने का प्रयास है जो अब बोल नहीं सकते।
उन्होंने आतंकवादी हमलों के पीड़ित परिवारों के दर्द को आतंकवाद से लड़ने की साझा जिम्मेदारी का संकेत बताया। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसलिए इसका कड़ा मुकाबला होना चाहिए। उन्होंने यूएनएनसी के पहलगाम हमले की निंदा को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, कोई भी राज्य आतंकवाद को समर्थन दे, उसे बेनकाब करना चाहिए। आतंकवाद कहीं भी हो, वह शांति के लिए खतरा है। जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ विश्व समुदाय से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
यह प्रदर्शनी ऐसे समय में भी है, जब एक दिन बाद पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की जुलाई महीने की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। इस प्रदर्शनी का नाम ‘ह्यमून कोस्ट ऑफ टेररिज्म’ है और इसे भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित किया गया है। इसमें दुनियाभर में हुए भीषण आतंकी हमलों से हुई तबाही को दिखाया गया है और बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद से लड़ने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए हैं। यह प्रदर्शनी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के दो स्थानों पर 30 जून से 11 जुलाई तक लगी रहेगी।
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प्रदर्शनी में 26/11 लेकर हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले तक की घटनाओं को दिखाया गया है। साल 2006 में मुंबई में आतंकवादी हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था। इसमें यह भी बताया गया है कि कौन-कौन से आतंकी संगठन इन हमलों के लिए जिम्मेदार थे और इन हमलों में किस देश के नागरिक मारे गए। इस प्रदर्शनी को भारत की ओर से पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की एक कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।