भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिनों की यात्रा पर बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे हैं। अपनी इस यात्रा में वह यूएई के अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायेद (Sheikh Abdullah bin Zayed) के साथ बातचीत करेंगे और दोनों देशों के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी। दूतावास ने बताया कि दुबई में विदेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में सहायक अवर सचिव अब्दुल्ला मोहम्मद अल बलूकी ने राजदूत संजय सुधीर तथा डॉ अमन पुरी के साथ उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अबू धाबी में मंत्री हिज हाइनेस शक नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सामंजस्यपूर्ण और एकजुट समुदाय के निर्माण के लिए यूएई की प्रतिबद्धता की सराहना की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मौके पर संयुक्त अरब अमीरात में प्रवासी भारतीयों की देखभाल और कल्याण के लिए मंत्री हिज हाइनेस शक नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान को धन्यवाद भी दिया।
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएई में अपने प्रवास के दौरान 14वें भारत-यूएई संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) और तीसरे भारत-यूएई रणनीतिक संवाद में शामिल होंगे। इस दौरान वे अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला के साथ रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे।
इससे पहले सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके यूएई दौरे को लेकर जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि इन बैठकों के दौरान दोनों देशों के मंत्री भारत और यूएई के बीच सामरिक संबंधों के की समीक्षा करने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे। मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी बताया था कि अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री यूएई के कई अन्य गणमान्य लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद ने 18 फरवरी को डिजिटल माध्यम से शिखर बैठक में हिस्सा लिया था। इसके बाद दोनों नेताओं ने 14 जुलाई को डिजिटल माध्यम से आई2यू2 शिखर बैठक में भी हिस्सा लिया था।
निर्माणाधीन हिंदू मंदिर के स्थल का भी दौरा किया
वहीं, जयशंकर ने निर्माणाधीन हिंदू मंदिर के स्थल का भी दौरा किया। उन्होंने इसे अबू धाबी में पहला और शांति, सहिष्णुता और सद्भाव का प्रतीक बताया। जयशंकर ने भी प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण में भारतीयों के प्रयासों की सराहना की। यूएई में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि जयशंकर ने मंदिर साइट का दौरा किया और इसकी जटिल वास्तुकला में एक ईंट रखी। साथ ही शांति, सहिष्णुता और सद्भाव के प्रतीक प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण में सभी भारतीयों के प्रयासों की सराहना की। दरअसल, मंदिर 55,000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कही यह बात
इस बीच भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन ने कहा कि फ्रांस के एमएफए ने फ्रांस के यूएनएससी की अध्यक्षता ग्रहण करने से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र परामर्श के लिए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर बहुपक्षवाद को कायम रखने और उसमें सुधार करने में सक्षम हैं। यही कारण है कि फ्रांस UNSC में भारत के लिए एक स्थायी सीट का समर्थन करता है।