बोत्सवाना दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मू
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भारत और बोत्सवाना का कई क्षेत्रों में सहयोग
मुर्मू ने बताया कि भारत-बोत्सवाना सहयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे कई क्षेत्रों में फैला है। उन्होंने कहा कि भारत को गर्व है कि वह मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण में बोत्सवाना का प्रमुख सहयोगी रहा है। पिछले एक दशक में 1,000 से ज्यादा बोत्सवाना के युवाओं ने भारत में पढ़ाई और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि आज के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और उद्यम के अवसर देने की जरूरत है। इसके लिए मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक विकास जरूरी है।
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बोत्सवाना में भारतीय कंपनियों की भूमिका पर जोर
मुर्मू ने यह भी बताया कि बोत्सवाना की अर्थव्यवस्था में भारतीय कंपनियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, खासकर हीरा उद्योग, कृषि प्रसंस्करण, दवा निर्माण, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में। उन्होंने अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भारत, इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट जैसे मंचों के माध्यम से महाद्वीप के विकास में भागीदार बना रहेगा।
प्रोजेक्ट चीता में सहयोग के लिए कहा धन्यवाद
मुर्मू ने बोत्सवाना को भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि बोत्सवाना से भारत में चीता लाने की पहल हमारे वन्यजीव संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। हम आपके चीतों का अच्छी तरह ध्यान रखेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले अंगोला की यात्रा पर थीं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जोआओ लौरेन्सो से मुलाकात की और देश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ में हिस्सा लिया। उन्होंने अंगोला की संसद को भी संबोधित किया और स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।