अमेरिका की कंपनी 23andMe डीएनए परीक्षण किट बनाने, स्वास्थ्य अनुसंधान और दवा विकास का काम करती है। साल 2006 में बनी ये कंपनी बीते कई वर्षों से घाटे में चल रही थी।
अमेरिका के कई राज्यों ने सोमवार को दिवालियापन अदालत में मुकदमा दायर किया है, जिसमें मांग की गई है कि 23andMe कंपनी के पास मौजूद ग्राहकों के अनुवंशिक डेटा को ग्राहकों की मंजूरी के बिना नहीं बेचा जाए। 27 राज्यों और कोलंबिया जिले ने यह मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा ऐसे समय दायर किया गया है, जब एक जैव प्रोद्योगिकी कंपनी घाटे में चल रही 23andMe कंपनी को खरीदने की प्रक्रिया में है।
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क्या है राज्यों का कहना
ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने कहा कि जैविक नमूने, डीएनए डेटा, स्वास्थ्य संबंधी लक्षण और चिकित्सा रिकॉर्ड को व्यक्ति की सहमति के बिना बेचा जाना बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को उसकी निजी जानकारी को नियंत्रित करने का अधिकार होना चाहिए और इसे सामान्य संपत्ति की तरह नहीं बेचा जा सकता। गौरतलब है कि अमेरिका की कंपनी 23andMe डीएनए परीक्षण किट बनाने, स्वास्थ्य अनुसंधान और दवा विकास का काम करती है। साल 2006 में बनी ये कंपनी बीते कई वर्षों से घाटे में चल रही थी।
कंपनी ने मार्च में अपने 40 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी, लेकिन हालात नहीं सुधरने पर मिसौरी में दिवालिया संरक्षण के लिए अपील दायर की, जिससे ग्राहकों के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताए बढ़ गईं। बायोटेक कंपनी रीजेनरॉन अब 23andMe का अधिग्रहण करने की कोशिश कर रही है। डेटा की सुरक्षा चिंताओं के बीच रीजेनरॉन ने कहा है कि वे डेटा को सुरक्षित रखेंगे। हालांकि राज्यों ने इस पर चिंता जताई है और दिवालिया अदालत से डेटा की सुरक्षा करने की अपील की है।