फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Volcano Erupts: रूस के कामचटका में 450 साल बाद फटा 'सुप्त' ज्वालामुखी, कुछ दिन पहले आया था शक्तिशाली भूकंप

Sun, 03 Aug 2025 12:51 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

'Dormant' Volcano Erupted In Russia: रूस के पूर्वी कामचटका क्षेत्र में 450 साल बाद एक सुप्त ज्वालामुखी 'क्राशेनिनिकोव' अचानक फट गया है। यह जानकारी रूस की आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने रविवार को दी। बताया गया कि यह ज्वालामुखी पिछली बार वर्ष 1550 में फटा था।
विज्ञापन
ज्वालामुखी में विस्फोट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस के पूर्वी कामचटका क्षेत्र में स्थित क्राशेनिनिकोव ज्वालामुखी 450 साल बाद फट पड़ा। इससे पहले यह ज्वालामुखी वर्ष 1550 में सक्रिय हुआ था। रविवार को रूस की आपातकालीन सेवा ने इसकी पुष्टि की। इस मामले में कामचटका की आपातकालीन सेवा ने बताया कि राख का फैलाव ऐसे इलाके में हो रहा है जहां कोई जनसंख्या नहीं है। अभी तक किसी भी बस्ती में राख गिरने की सूचना नहीं मिली है, जिससे बड़ी जनहानि की घटना टल गई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Ukraine: यूक्रेन के परमाणु केंद्र पर हमला, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी का दावा- धमाके के बाद धुंआ उठता देखा

राख का गुबार 6,000 मीटर तक पहुंचा
रूसी अधिकारियों ने बताया कि ज्वालामुखी विस्फोट के बाद जो राख का गुबार उठा, वह 6,000 मीटर (करीब 19,700 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच गया। राख पूर्व दिशा में प्रशांत महासागर की तरफ फैल रही है। सरकार ने इस ज्वालामुखी विस्फोट को 'ऑरेंज' एविएशन अलर्ट कोड दिया है। इसका मतलब है कि आसमान में राख के कारण हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। पायलटों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन


कुछ दिन पहले आया था भयंकर भूकंप
इस ज्वालामुखी विस्फोट से कुछ ही दिन पहले कामचटका क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। यह भूकंप हाल के वर्षों में सबसे ताकतवर था। इसके बाद जापान, हवाई, इक्वाडोर जैसे देशों में सुनामी चेतावनी जारी की गई थी। भूकंप के बाद रूस के सेवेरे-कुरील्स्क बंदरगाह पर सुनामी की लहरें पहुंचीं, जिससे एक मछली प्रसंस्करण केंद्र (फिशिंग प्लांट) डूब गया। यह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ।

यह भी पढ़ें - Earthquake-Tsunami: UNESCO ने 9 माह पहले ही दी भूकंप-सुनामी की चेतावनी, भारत जैसे देश के लिए इसके मायने समझें
विज्ञापन


तीन दिन पहले फटा था क्लूचेवस्कॉय ज्वालामुखी
इससे पहले बुधवार को कामचटका का ही एक और ज्वालामुखी 'क्लूचेवस्कॉय' भी फटा था। यह यूरोप और एशिया का सबसे ऊंचा सक्रिय ज्वालामुखी है। साल 2000 से अब तक इसमें 18 बार विस्फोट हो चुके हैं। फिलहाल अब विशेषज्ञ इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या हाल ही में आया भूकंप इन ज्वालामुखी विस्फोटों का कारण बना है। फिलहाल क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

सुप्त / प्रसुप्त ज्वालामुखी किसे कहते हैं?
सुप्त ज्वालामुखी वह ज्वालामुखी होता है जो मौजूदा समय में सक्रिय नहीं होता है, लेकिन भविष्य में फिर से उसमें विस्फोट या उसके फटने की संभावना होती है। यह एक ऐसा ज्वालामुखी है जो लंबे समय से शांत है, लेकिन पूरी तरह से मृत नहीं माना जाता है। ऐसे ज्वालामुखी को प्रसुप्त ज्वालामुखी भी कहा जाता है।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें