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ट्रंप की ईरान को चेतावनी: समझौता करो वरना बिगड़ेंगे हालात, ईरानी राष्ट्रपति ने भी किया पलटवार; जानिए क्या कहा?

Thu, 02 Apr 2026 11:52 PM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

पश्चिम एशिया में जंग खतरनाक मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि देर होने से पहले समझौता करे, वरना हमले बढ़ सकते हैं। करज में कथित हमले का वीडियो भी साझा किया गया। जवाब में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इसकी कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं किसने क्या कहा?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान - फोटो : ANI/एक्स@drpezeshkian
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 35वें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है।

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उन्होंने एक बार फिर ईरान को कड़ी और सीधी चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि ईरान बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर ले, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ईरान के करज इलाके में बीआई ब्रिज पर हुए कथित अमेरिका-इस्राइल हमले को दिखाया गया बताया जा रहा है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की और संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो ऐसे हमले आगे भी जारी रह सकते हैं।

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ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दी प्रतिक्रिया
दूसरी ओर ट्रंप के इस चेतावनी और हमलों पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों, दवा बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल रिसर्च सेंटर जैसेईरान का पाश्चर संस्थान पर हमला करने का क्या मतलब है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), रेड क्रॉस और डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय संस्था डॉक्टर विदाउट बॉर्डर से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील की।

अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने का दावा
इसके अलावा, ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में खाड़ी देशों के कुछ अहम ठिकाने भी निशाने पर हो सकते हैं। इनमें कुवैत, सऊदी अरब, अबू धाबी और जॉर्डन के कुछ पुलों और रणनीतिक स्थानों का जिक्र किया गया है। उधर, इराक की राजधानी बगदाद में भी हालात तनावपूर्ण हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बगदाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में स्थित अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सेंटर को ड्रोन से निशाना बनाया गया।
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जुबानी जंग और हमलों में तेजी से बढ़ता संकट

कुल मिलाकर, दोनों देशों के बीच जुबानी जंग अब और ज्यादा आक्रामक हो चुकी है। एक तरफ अमेरिका दबाव बनाकर समझौते की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान इसे सीधा हमला और मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहा है। ऐसे हालात में पूरी दुनिया की नजरें इस टकराव पर टिकी हैं, क्योंकि अगर यह विवाद और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।

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