ट्रंप ने विदेशी दवाओं पर 100% तक टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया। यह उन दवाओं पर लागू होगा जिनमें अमेरिकी कंपनियों के साथ कीमत समझौता नहीं या अमेरिका में उत्पादन नहीं हो रहा। समझौता करने वाली कंपनियों पर कोई टैरिफ नहीं होगा। दूसरी ओर जिन कंपनियों ने समझौता नहीं किया, उन पर 20% टैरिफ, जो चार साल में बढ़कर 100% होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत विदेशी दवाओं पर 100 प्रतिशत तक की आयात दर (टैरिफ) लगाने का रास्ता खुल गया है। यह आदेश उन दवाओं पर लागू होगा जिनके लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ विशेष कीमत समझौता नहीं होगा या जिनकी उत्पादन इकाइयां अमेरिका में नहीं बनाई जा रही हैं। जो कंपनियां अमेरिका में उत्पादन सुविधाएं बना रही हैं और कीमत समझौता कर चुकी हैं, उनके लिए कोई टैरिफ नहीं लगेगा।
धातुओं, स्टील के आयात पर भी टैरिफ
इसके साथ ही ट्रंप ने धातुओं, स्टील, एल्यूमिनियम और तांबे के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ का अपडेट भी किया। अब इन धातुओं और उनके मिश्रित उत्पादों के लिए टैरिफ उनकी पूरी कीमत पर लागू होगा। जिन उत्पादों में 15 प्रतिशत से कम धातु है, उनके लिए देश-विशेष टैरिफ लागू होंगे, और जिनमें अधिक है, उनके लिए 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। ये नए आदेश ट्रंप की मौजूदा कड़ी व्यापार नीति का हिस्सा हैं।
कुल मिलाकर ट्रंप का यह कदम अमेरिकी कंपनियों को प्रोत्साहित करने, विदेशी दवाओं पर निर्भरता कम करने और अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसके परिणाम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता कीमतों पर भी पड़ सकते हैं।