व्हाइट हाउस के सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप स्पष्ट करना चाहते हैं कि जिस रास्ते पर ईरानी चल रहे हैं वह बहुत ही गलत है। हम चाहते हैं कि मामला सुलझ जाए। अगर वे अमेरिका के खिलाफ जाएंगे तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’ वहीं, अमेरिका के एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी ने लिखा, ‘मेरे लिए यह विश्वास करना कठिन है कि पेंटागन ट्रंप को उन जगहों के बारे में बताएगा, जो ईरान की संस्कृति से जुड़े हुए हैं। किसी सांस्कृतिक साइट पर हमला करना एक युद्ध अपराध है।’
मैक्रों ने पुतिन और एर्दोआन से फोन पर की बात
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्र्दोआन से साथ फोन पर पश्चिमी एशिया की स्थिति पर बात की। तीनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई और विभिन्न पक्षों से संयम से काम लेने की अपील की। वहीं, ब्रिटेन के विदेश दूत डॉमनिक राब ने विभिन्न पक्षों से अपील की है कि सुलेमानी की मौत के बाद टकराव की स्थिति को कम करने का प्रयास करें। मुठभेड़ हमारे हित के अनुरूप नहीं है।
भारत में रह रहे अमेरिकियों को लेकर एडवाइजरी
तनाव को देखते हुए भारत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी नागरिकों को विदेशों में सुरक्षा जोखिम हो सकता है। अमेरिकी दूतावास के कर्मियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने आसपास के बारे में जागरूक रहें, विरोध प्रदर्शन से बचें और स्थानीय मीडिया आउटलेट की निगरानी करें।
मध्य पूर्व में कहां और कितनी हैं अमेरिकी सेनाएं
तुर्की: 2,500
सीरिया: 8,00
इराक: 6,000
जॉर्डन: 3,000
कुवैत: 13,000
बहरीन: 7,000
कतर: 13,000
यूएई: 5,000
ओमान: 606
अफगानिस्तान: 14,000
(स्रोत: फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप)
ईरान के हैकर होने का दावा करने वाले एक समूह ने एक अमेरिकी सरकारी एजेंसी की वेबसाइट हैक कर ली और शीर्ष ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने का संकल्प लेते हुए एक संदेश इस पर पोस्ट किया।
फेडरल डिपोजिट्री लाइब्रेरी प्रोग्राम की वेबसाइट पर हैकरों ने ईरानियन हैकर्स नाम से पेज डाला और उस पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी और ईरानी झंडे की तस्वीर लगा दी। हैकरों ने वेबसाइट पर लिखा, सुलेमानी के अथक प्रयासों का पुरस्कार.... शहादत थी।
वेबसाइट पर लिखा गया कि उनकी रवानगी और ईश्वर की ताकत से उनका काम और मार्ग बंद नहीं होगा और उनके एवं अन्य शहीदों के खून से अपने गंदे हाथों को रंगने वाले अपराधियों से बदला लिया जाएगा। पेज पर सफेद पृष्ठभूमि में कैप्शन लिखा गया कि यह ईरान की साइबर क्षमता का एक मामूली हिस्सा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने दावा किया है कि इराक में शुक्रवार को अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए घातक हमले में आतंकवादियों की मदद की थी। पेंस के इस दावे को लेकर अमेरिकी मीडिया ने उन्हें घेरा।
पेंस ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि सुलेमानी ने अमेरिका में 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले 12 आतंकवादियों में से 10 की अफगानिस्तान की गुप्त यात्रा में मदद की थी।
जब ट्विटर पर आलोचकों ने उनको निशाना बनाना शुरू किया कि 2001 के आतंकवादी हमले में 19 आतंकवादी शामिल थे, तो इस पर पेंस की प्रवक्ता केटी वाल्डमैन ने स्पष्ट किया कि पेंस केवल उन 12 आतंकवादियों का उल्लेख कर रहे थे, जो अफगानिस्तान के जरिये यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि उन 12 में से 10 की सुलेमानी ने सहायता की थी।