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डोनाल्ड ट्रंप को झटका: संघीय अदालत ने भारतीयों समेत ड्रीमर्स की पूर्ण बहाली करने का दिया आदेश

Sun, 06 Dec 2020 02:08 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, वाशिंगटन
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President Donald Trump - फोटो : PTI
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बचपन में बिना दस्तावेज अमेरिका पहुंचे प्रवासी बच्चों के डीएसीए कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक संघीय अदालत ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने ट्रंप प्रशासन के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें ओबामा-काल के इस कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया था। कोर्ट ने ओबामा-काल के फैसले को पूरी तरह बहाल करने का आदेश दिया है। देश में इन बच्चों को ‘ड्रीमर्स’ कहा जाता है।

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बचपन में बिना दस्तावेज अमेरिका पहुंचे प्रवासी बच्चों के डीएसीए कार्यक्रम को लेकर बड़ा फैसला
इस फैसले से बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों को मदद मिलेगी। न्यूयॉर्क स्थित ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के जज निकोलस गैराउफिस ने गृह सुरक्षा मंत्रालय (डीएचएस) को निर्देश दिए कि वह डीएसीए की सुविधाएं लेने वाले बच्चों (जो अब वयस्क हो चुके हैं) के प्रोग्राम को दो साल का विस्तार दे ताकि नवीनीकरण की कार्रवाई हो सके।

अदालत ने यह भी कहा कि विभाग सोमवार से उन आवेदकों की अर्जियां भी स्वीकार करे जो पहली बार आवेदन कर रहे हैं। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने 2017 में डीएसीए के तहत मिलने वाली सुविधाएं खत्म करने की कोशिश की थी जिसे जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया था। अब कोर्ट ने कहा है कि सितंबर 2017 के बाद पहली बार नए आवेदक जो पहले डीएसीए कार्यक्रम के पात्र नहीं थे वे भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
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ये हैं डीएसीए कार्यक्रम
ये प्रवासी बच्चे (ड्रीमर्स) उनके देशों में कष्टों के चलते अपना देश छोड़कर बिना किसी वैध दस्तावेज के अमेरिका आए थे। इन्हें देश में रहने की अनुमति देने वाला कानून डीएसीए (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड एराइवल्स) बराक ओबामा के कार्यकाल में लाया गया, जो गैरकानूनी रूप से अमेरिका आए प्रवासी बच्चों को निर्वासन की कार्रवाई से बचाकर उन्हें वयस्क होने पर वर्क परमिट के साथ रोजगार का पात्र भी बनाता है।

लाखों भारतीयों को लाभ
साउथ एशियन अमेरिकंस लीडिंग टुगेदर (एसएएएलटी) की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में 6,30,000 भारतीय हैं जो बिना दस्तावेज के 2010 के बाद से 72 फीसदी की वृद्धि के साथ मौजूद हैं। रिपोर्ट बताती है कि डीएसीए के लिए पात्र कुल 20,000 भारतीयों में से सिर्फ 13 फीसदी ने ही इस कार्यक्रम के लिए अर्जी दी। इस तरह नए फैसले से लाखों भारतीय डीएसीए के हकदार हो सकेंगे। 

ट्रंप प्रशासन के पास दो विकल्प
ट्रंप प्रशासन के पास अब दो विकल्प हैं। वह या तो अब संघीय अपीलीय अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील करे अथवा जज के नए आदेश को लागू करने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाए। अमेरिका में अब तक डीएसीए कार्यक्रम में 6.4 लाख अप्रवासी नामांकित हैं। इनमें से द. एशियाई देशों में पाक के 1,300, बांग्लादेश के 470, श्रीलंका के 120 और नेपाल के 60 ड्रीमर्स को डीएसीए का अधिकार प्राप्त है।

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