पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद के खिलाफ दायर आपराधिक मामले को खारिज करने की अपील की है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने वॉशिंगटन की अपील अदालत से कहा कि 2020 के चुनाव में हस्तक्षेप के मामले में उन्हें छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि वह राष्ट्रपति पद पर रह चुके हैं ऐसे में उन्हें मुकदमेबाजी से सुरक्षा मिलनी चाहिए।
निचली अदालत में अपील खारिज
ट्रंप ने कहा, डीसी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स (DC Circuit Court of Appeals) में निचली अदालत का फैसला पलटा जाना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ विशेष वकील जैक स्मिथ ने 2020 के चुनाव में हस्तक्षेप का मामला दर्ज कराया था। निचली अदालत में भी ट्रंप ने छूट का दावा किया था, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया गया था।
वकील जैक स्मिथ ने ट्रंप के खिलाफ की है शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक संघीय अदालत का अपील पैनल ट्रंप के अनुरोध पर विचार कर रहा है। वकील जैक स्मिथ की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने जो दलीलें निचली अदालतों में दी हैं, अपीलीय कोर्ट में दाखिल मामले में भी उसी बात को दोहराया गया है।
ट्रंप ने अभियोग को असंवैधानिक बताया
ट्रंप ने अपनी याचिका में कहा कि बतौर राष्ट्रपति उन्होंने अपनी आधिकारिक क्षमता में 'चुनावी अखंडता सुनिश्चित करने' के लिए काम किया। पूर्व राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर 2020 के चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास किया था। ट्रंप ने कहा कि उनके खिलाफ अभियोग असंवैधानिक है।
सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव लाए बिना मुकदमा नहीं
पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने दलील दी है कि अमेरिका में राष्ट्रपति के किलाफ 'आधिकारिक कृत्यों' में लापरवाही के आरोप के तहत आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाता, अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा असंवैधानिक है।
संविधान में जांच के पर्याप्त नियम
ट्रंप के वकीलों ने शनिवार को कहा, राजनीतिक गुट आपराधिक मुकदमा दायर कर राष्ट्रपति को अक्षम बनाने की राजनीति न कर सकें। इसके लिए संविधान में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। संविधान से मिली 'शक्तियों का दुरुपयोग' न किया जा सके और 'सियासी दुश्मनी' जैसे खतरे को भांपते हुए संविधान में शक्तिशाली संरचनात्मक जांच के नियम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस या सीनेट में महाभियोग की प्रक्रिया नहीं हुई है ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप को पूर्ण छूट प्राप्त है।
नौ जनवरी को सुनवाई होगी
सीएनएन के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप इस मामले में अपने खिलाफ दायर 4 मार्च के मुकदमे की सुनवाई को टालने का प्रयास कर रहे हैं। इसी मकसद से उन्होंने 'पूर्व राष्ट्रपति पर महाभियोग के बिना मुकदमा नहीं' दलील दी है। खबरों के अनुसार, अपील अदालत में ट्रंप की अपील पर नौ जनवरी को सुनवाई होगी। अदालत दोनों पक्षों की मौखिक दलीलें सुनेगी।
दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका मिलेगा
जिला न्यायाधीश तान्या चुटकन की अदालत में सुनवाई होनी है। अदालत ने आपराधिक मामले में दाखिल अपील के आधार पर ट्रंप के खिलाफ सभी प्रक्रियात्मक डेडलाइन (procedural deadlines) अस्थायी रूप से रोक दी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्मिथ की अपील ठुकरा दी थी। उन्होंने डीसी सर्किट कोर्ट में दाखिल ट्रंप की अपील को दरकिनार कर तुरंत सुनवाई की गुहार लगाई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। बहरहाल, अपील अदालत से अंतिम फैसला आने तक दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका भी मिलेगा।