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US: यमन में बमबारी बंद करेगा अमेरिका, ट्रंप बोले- हूती विद्रोहियों ने जहाजों पर हमला नहीं करने का दिया वचन

Wed, 07 May 2025 12:11 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों पर बमबारी बंद करने का फैसला किया है। ट्रंप ने कहा है कि हूतियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अब और लड़ाई लड़ना नहीं चाहते हैं। साथ ही उन्होंने वादा किया है कि वह अब जहाजों को निशाना बनाना बंद कर देंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका अब यमन के हूती विद्रोहियों पर बमबारी बंद करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को हूतियों पर लगभग दो महीने से चल रहे अमेरिकी हवाई हमलों को रोकने का आदेश दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए किया है, क्योंकि हूती विद्रोहियों ने कहा कि वह अब और लड़ाई नहीं लड़ना चाहते। उन्होंने वचन दिया है कि वह अब समुद्री गलियारे पर जहाजों पर हमला बंद कर देंगे।

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ट्रंप ने यह घोषणा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ ओवल ऑफिस में अपनी बैठक के दौरान की। उन्होंने कहा, 'हम हूतियों पर बमबारी तुरंत प्रभाव से रोकने जा रहे हैं।' ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने अमेरिकी अधिकारियों को संकेत दिया है कि वे अब और लड़ाई नहीं करना चाहते हैं। हम इसका सम्मान करेंगे, और हम बमबारी बंद कर देंगे।

हूती विद्रोहियों पर मार्च में शुरू हुई थी बमबारी
अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर मार्च में बमबारी शुरू की थी, जब हूतियों ने गाजा पट्टी पर नाकाबंदी के जवाब में समुद्र में इस्राइली जहाजों पर हमले शुरू करने की धमकी दी थी। ट्रंप ने उस समय कहा था कि वह जरूरत पड़ने पर बहुत ताकतवर हमला करेंगे। उस समय, उन्होंने चेतावनी को लाल सागर, अदन की खाड़ी, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और अरब सागर को प्रभावित करने वाला बताया था।
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हूतियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा कि यही हमारा लक्ष्य था कि वह जहाजों पर हमला बंद कर दें। ट्रंप ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि हम उनकी बात मानेंगे और अब बमबारी की कोई जरूरत नहीं है। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बहुत सकारात्मक है। वे बहुत सारे जहाजों को नष्ट कर रहे थे।'

ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा- बहुत अच्छे स्रोत से मिली जानकारी
ट्रंप से यह पूछे जाने पर कि उन्हें यह जानकारी कहां से मिली कि हूती अमेरिकी बमों से निशाना बनना बंद करना चाहते हैं। इसके जवाब में ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि यह जानकारी बहुत अच्छे स्रोत से आई है। ट्रंप ने जिन मिसाइल हमलों का आदेश दिया, वे हूतियों के विरुद्ध उनके पूर्ववर्ती जो बाइडन प्रशासन द्वारा क्षेत्र में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर लगातार हमलों के जवाब में कई बार किए गए हमलों के समान थे।
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एक ग्रुप चैट में हेगसेथ ने हमले की गुप्त सूचना भेजी थी
ट्रंप के कहने पर किए गए हवाई हमलों को लोगों ने तब ज्यादा गंभीरता से लिया जब अटलांटिक नाम की एक पत्रिका ने बताया कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक मैसेजिंग ऐप 'सिग्नल' पर एक ग्रुप चैट में हूतियों पर हमले की गुप्त योजना भेज दी थी। गलती से इस ग्रुप में उस पत्रिका के मुख्य संपादक भी शामिल थे। ट्रंप ने हेगसेथ का समर्थन किया और इस गलती को सिर्फ एक चूक बताया। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज, जिन्होंने यह ग्रुप चैट बनाई थी, उन्होंने पिछले हफ्ते इस्तीफा दे दिया। अब ट्रंप ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का राजदूत बनाने के लिए चुना है।

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