अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि रूस में मिसाइल परीक्षण के दौरान हुए विस्फोट से वॉशिंगटन सबक ले रहा है। इस विस्फोट से पूरे क्षेत्र में रेडिएशन की मात्रा बढ़ गई थी।
ट्रंप ने ट्वीट किया कि रूस में विफल हुए मिसाइल परीक्षण से अमेरिका सीख ले रहा है। हमारे पास वैसी ही, हालांकि उससे अधिक उन्नत, तकनीक है। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि रूस के ‘स्काईफॉल’ विस्फोट से केन्द्र के आसपास की हवा को लेकर भी लोग चिंतित हैं।
विशेषज्ञों ने विस्फोट को बुरेवेस्तनिक परमाणु संचालित क्रूज मिसाइल, जिसे नाटो द्वारा स्काईफॉल के रूप में जाना जाता है, से जोड़ा था। इस साल के शुरू में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा इसे टाल दिया गया था। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी।
इस बीच, अमेरिकी विशेषज्ञ जोई सिरिनसिओन ने ट्रंप के रूस जैसी तकनीक होने के दावे को खारिज करते हुए ट्वीट किया कि यह विचित्र है। हमारा कोई परमाणु ऊर्जा वाला क्रूज मिसाइल कार्यक्रम नहीं है।
उन्होंने ट्वीट किया कि हमने 1960 के दशक में एक इस तरह की एक मिसाइल निर्माण करने की कोशिश की थी, लेकिन यह बहुत पागल करने वाला फैसला था। यहां तक कि उन परमाणु शीत युद्ध के वर्षों में भी यह फैसला उचित नहीं था।
यह दुर्घटना गुरुवार को व्हाइट सी के तट पर एक आर्कटिक सैन्य क्षेत्र में हुई थी, लेकिन रूसी अधिकारियों ने शनिवार को इस बात को स्वीकार किया कि इस प्रकार की घटना हुई है।
रूसी परमाणु एजेंसी रोसाटॉम ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण समुद्र में एक प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा था जब उसके ईंधन में आग लग गई और एक विस्फोट हुआ, विस्फोट से कई कर्मचारी समुद्र में उड़ गए।
इस घटना ने रेडिएशन फैलने के खतरे और गोपनीय तरीके से चलाए जा रहे हथियार कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।