तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के साथ लगातार युद्ध की धमकी देने के ठीक दूसरे ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने शांति वार्ता टूटने के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने कहा कि तालिबान पर इतनी सख्त कार्रवाई की जाने वाली है जितनी इससे पहले कभी नहीं की गई।
अफगानिस्तान के तालिबान नेतो अमेरिका के साथ वार्ता पर सहमत थे लेकिन कुछ लोग दूसरे नेताओं सेे ज्यादा जल्दबाजी में रहे। तालिबान नेता इसि संबंध में अपने परिषदीय नेताओं या शूरा के साथ थे और शूरा ने कैंप डेविड में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ होने वाली गोपनीय वार्ता का विरोध किया। शूरा ने उन वार्ताकारों का विचार रद्द किया जो वार्ता में भाग लेने को उत्सुक थे। कतर की राजधानी दोहा में चल रही वार्ता को लेकर तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने बताया कि कुछ नेता चाहते थे कि ट्रंप से मुलाकात के पहले दोहा में ही समझौते की घोषणा की जानी चाहिए।