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US: दुनियाभर में अमेरिकी टैरिफ को लेकर विरोध, ट्रंप बोले- अब आएंगे अरबों डॉलर; वामपंथी कोर्ट लगा सकता है रोक

Fri, 08 Aug 2025 04:55 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, न्यूयॉर्क/वाशिंगटन

सार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, अमेरिका का फायदा उठाने वाले देशों से अब अरबों डॉलर आने लगेंगे। ट्रंप ने अमेरिका में आधी रात को 12 बजे 7 अगस्त की तिथि लगते ही ट्रुथ सोशल पर लिखा, आधी रात हो गई है...अरबों डॉलर के टैरिफ अमेरिका आ रहे हैं। भारतीय आयातों पर शुरुआती 25% टैरिफ भी इसी दिन लागू हो गए।
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डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका - फोटो : वीडियो ग्रैब/एएनआई
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विस्तार
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दुनियाभर में बृहस्पतिवार से लागू अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ का विरोध शुरू हो गया है। वैश्विक व्यापार संघों ने इसकी निंदा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, अमेरिका का फायदा उठाने वाले देशों से अब अरबों डॉलर आने लगेंगे। ट्रंप ने अमेरिका में आधी रात को 12 बजे 7 अगस्त की तिथि लगते ही ट्रुथ सोशल पर लिखा, आधी रात हो गई है...अरबों डॉलर के टैरिफ अमेरिका आ रहे हैं। भारतीय आयातों पर शुरुआती 25% टैरिफ भी इसी दिन लागू हो गए।

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ट्रंप ने कहा, अमेरिकी महानता को सिर्फ कट्टरपंथी वामपंथी अदालतें ही रोक सकती हैं, क्योंकि वे हमारे देश को नाकाम होते देखना चाहती हैं। पारस्परिक टैरिफ दरों से संबंधित कार्यकारी आदेश में, ट्रंप ने लगभग 70 देशों के लिए टैरिफ दरों की घोषणा की है। इसे लेकर जापान, फिलीपीन, मलयेशिया, फ्रांस, ब्रिटेन आदि कई देशों ने विरोध जताया और कहा, यह अर्थव्यवस्था में चुनौती पैदा करेगा। यह जापान पर 15%, लाओस-म्यांमार पर 40-40%, पाकिस्तान पर 19% है।

अस्थायी होगा मौजूदा झटका : इंडियास्पोरा
रूसी खरीद के लिए भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ के बारे में, विभिन्न व्यवसायों में वैश्विक भारतीय प्रवासी नेताओं के एक गैर-लाभकारी यूएस-आधारित संगठन इंडियास्पोरा ने कहा, लोगों से लोगों के बीच संबंधों में वर्तमान झटका अस्थायी होगा। उसने कहा, हमें पूरा विश्वास है कि चल रही चर्चाएं जब पूरी होंगी, तो दोनों देशों और उनमें विश्वास रखने वाले वैश्विक भारतीय प्रवासियों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेंगी। उसने कहा, भारत-अमेरिकी रिश्ते न सिर्फ महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आवश्यक भी हैं।
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ट्रंप के फैसले का भारतवंशी समुदाय में विरोध
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता और राष्ट्रपति जो बाइडन के पूर्व सलाहकार अजय भुटोरिया ने भारतीय चीजों पर 50% टैरिफ का कड़ा विरोध किया है। अमेरिका की लगभग आधी सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारत से होती है। इनकी कीमतें बढ़ेंगी, जिसका असर परिवारों पर पड़ेगा। रोजमर्रा की चीजें—मसाले, दालें, दिवाली के कपड़े—महंगे हो जाएंगे, कपड़ों व जूतों के दाम 37% तक बढ़ सकते हैं। भूटोरिया ने भारत को उसकी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए निशाना बनाने की निंदा की है।

अर्थव्यवस्था को क्षति
भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय ने ट्रंप के दोहरे मापदंडों को 186 अरब डॉलर की मजबूत भारत-अमेरिका व्यापार साझेदारी और 2030 तक 500 अरब डॉलर का साझा लक्ष्य हासिल करने वाली अर्थव्यवस्था के लिए क्षति पहुंचने का खतरा बताया। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देश जीवंत साझेदारी साझा करते हैं, ऐसे में संबंधित चुनौतियों का भी मिलकर सामना करना होगा।

चिप्स पर 100% टैरिफ कुछ कंपनियों को छूट
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सेमीकंडक्टर के आयात पर लगभग 100% टैरिफ लगाएगा, लेकिन उन्होंने एक बड़ी छूट भी दी। यह टैरिफ उन कंपनियों पर लागू नहीं होगा जो अमेरिका में चिप निर्माण कर रही हैं या ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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फिलीपीन, मलयेशिया को शुल्क से जोखिम
ट्रंप की टैरिफ पर 100% छूट की टिप्पणी पर संबंधित देशों और व्यावसायिक लॉबी से तुरंत प्रतिक्रियाएं आईं। दक्षिण कोरिया के शीर्ष व्यापार दूत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रमुख चिप निर्माता सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स पर 100% टैरिफ नहीं लगेंगे। साथ ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत दक्षिण कोरिया में सेमीकंडक्टर पर सबसे अनुकूल शुल्क लागू होंगे। सैमसंग और एसके हाइनिक्स ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। फिलीपीन सेमीकंडक्टर उद्योग के अध्यक्ष, डैन लाचिका ने कहा कि ट्रंप की योजना उनके देश के लिए विनाशकारी होगी। मलयेशिया के व्यापार मंत्री तेंगकू ज़फरुल अजीज ने संसद को चेताया कि उनके देश को इन टैरिफ के लागू होने से अमेरिका में एक प्रमुख बाजार खोने का जोखिम होगा।

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