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West Asia Crisis: युद्ध के बीच बोले ट्रंप- US का खौफ है, अब कोई नहीं चाहता तेहरान की कमान; ईरान को बताया कैंसर

Thu, 26 Mar 2026 07:33 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पश्चिम एशिया में हर बदलते दिन के साथ संकट गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2000 सैनिकों को भेजा जा रहा है, जबकि दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स पहले से ही क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि कोई भी शख्स ईरान का नेतृत्व करना नहीं चाहता, क्योंकि उसे अपने ही लोगों और अमेरिका दोनों से मारे जाने का डर रहता है। ट्रंप ने यह बयान एनआरसीसी वार्षिक फंडरेजिंग डिनर में दिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने ईरान को कैंसर भी बताया।
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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने आठ युद्धों को सुलझाया है और ईरान के साथ भी स्थिति उसी दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन खुलकर यह बात कहने से डरता है। उनके मुताबिक, ईरानी नेतृत्व को अपने ही लोगों और अमेरिका दोनों से खतरा महसूस होता है।

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ईरान के साथ परमाणु समझौते पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने 2015 के परमाणु समझौते से बाहर निकलने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान इस समझौते का पालन नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि अगर यह जारी रहता, तो ईरान बहुत जल्द परमाणु हथियार हासिल कर लेता। उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति बनते ही इस समझौते को समाप्त कर दिया।

अपने पहले कार्यकाल का जिक्र करते हुए ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सुलेमानी को खतरनाक और प्रभावशाली नेता कहा और दावा किया कि उसके बाद ईरान को वैसा नेतृत्व नहीं मिल पाया।

ट्रंप ने ईरान को बताया कैंसर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई आवश्यक थी। ट्रंप ने कहा कि मैंने इस खतरे को एक कैंसर के रूप में उजागर किया, जिसे काटकर खत्म करना होगा।

उन्होंने आगे कहा, "हमें जो करना था वह था इस कैंसर से छुटकारा पाना। हमें इस कैंसर को जड़ से उखाड़ फेंकना था। यह कैंसर परमाणु हथियार से लैस ईरान था। हमने इसे जड़ से उखाड़ फेंका है। अब हम इसे पूरी तरह से खत्म करने जा रहे हैं।"

तेहरान का दावा- ईरान के द्वीप पर कब्जा करना चाहते हैं दुश्मन देश  
वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने दावा किया है कि दुश्मन देश किसी क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया गया, तो संबंधित देश के महत्वपूर्ण ढांचे पर लगातार हमले किए जाएंगे।
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका अपने प्रमुख युद्ध लक्ष्यों को हासिल करने में असफल रहा है, जिसमें त्वरित सैन्य जीत और तेहरान में सत्ता परिवर्तन शामिल है। इसी के साथ अराघची ने भारत समेत पांच देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की भी बात कही है।

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