उत्तर कोरिया द्वारा हाल में किए गए मिसाइल परीक्षण के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जाहिर की। इससे पहले वह किम जोंग को कई बार खरी-खोटी सुना चुके हैं। महीने भर पहले ही उन्होंने कहा था कि किम बातचीत जारी रखने के इच्छुक नहीं दिखाई दे रहे।
अब ट्रंप ने अपने ही दिए बयान से यूटर्न मारते हुए कहा कि किम जोंग का एक शानदार पत्र मिला है। किम अपनी बात पर कायम रहे हैं। मेरे लिए यह काफी अहम है। उनसे तीसरी बार भी मुलाकात हो सकती है, लेकिन इसके लिए माहौल ठीक होना जरूरी है। बातचीत के लिए उत्तर कोरिया के तैयार होने के बाद हम भी तैयार होंगे।
इससे पहले, उत्तर कोरिया ने खुद पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी थी। कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को कहा था कि अब उत्तर कोरिया का धैर्य खत्म हो रहा है और वॉशिंगटन बातचीत के लिए जल्द सही कूटनीतिक तरीका अपनाए।
उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों में राहत के बदले उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक से संबंधित समझौते पर पहुंचने से नाकाम रहने के बाद किम जोंग उन और ट्रंप वियतनाम की राजधानी से बिना किसी समझौते के लौट आए थे। उत्तर कोरिया ने इसके बाद से दबाव बढ़ा दिया था और मई में उसने दो कम दूरी वाले मिसाइलों का भी प्रक्षेपण किया था।
वार्ता विफल होने पर उत्तर कोरिया ने पांच अधिकारियों को गोलियों से मरवाया
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दूसरी शिखर वार्ता असफल होने पर उत्तर कोरिया ने अमेरिका के लिए अपने विशेष दूत समेत पांच अधिकारियों को मौत की सजा दे दी। इस बात की जानकारी दक्षिण कोरिया के अखबार 'द चोसुन इल्बो' की शुक्रवार को प्रकाशित खबर में दी गई थी।
इसमें कहा गया था कि अमेरिका से लौटे 'अपने सर्वोच्च नेता' के साथ विश्वासघात करने के आरोप में किम ह्योक चोल को गोलियों से मरवा दिया गया है। चोल ने हनोई बैठक का जमीनी काम देखा था और वह किम की निजी ट्रेन में उनके साथ भी रहे थे।