अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमास और इस्राइल के बीच संघर्ष को खत्म करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। ट्रंप ने शानिवार को बताया कि, इस्राइल प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमत हो गया है और हमास की पुष्टि के बाद युद्धविराम लागू किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि हमास की सहमति के बाद कैदियों और बंधकों की अदला-बदली की जाएगी।
30 सितंबर को ट्रंप ने तीन से चार दिन का समय दिया था
ट्रंप ने पहले भी संवाददाताओं से 30 सितंबर को कहा था कि हमास के पास लगभग तीन-चार दिन का समय है। उन्होंने यह शांति पहल इस सप्ताह इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर पेश की थी और कहा गया है कि योजना को इस्राइल तथा कई अरब और मुस्लिम देशों का समर्थन हासिल है। अभी तक हमास की ओर से इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सार्वजनिक नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय नेता ट्रंप के बयान की प्रतिक्रिया और शांति प्रस्ताव के अगले कदमों पर नजदीकी नजर बनाए हुए हैं।
क्या है ट्रंप की योजना, पहले समझिए
फिलहाल, ट्रंप की योजना के तहत हमास तीन दिनों में 48 बचे हुए बंधकों को छोड़ देगा, जिनमें से करीब 20 जिंदा माने जाते हैं। इसके अलावा, हमास को सत्ता छोड़नी होगी और हथियार डालने होंगे। बदले में इस्राइल अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा, कई क्षेत्रों से पीछे हटेगा, सैकड़ों कैदियों को रिहा करेगा और मानवीय मदद तथा पुनर्निर्माण की अनुमति देगा। हालांकि, हमास ने हथियार डालने पर कोई स्पष्ट बात नहीं की है और कुछ मुद्दों पर फलस्तीन के बीच आगे सलाह-मशविरा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास की इस 'हां, लेकिन,' वाली नीति पुरानी मांगों को नरम भाषा में पेश करने जैसी है और असल में हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।