सार
लॉस एंजिलिस में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को कट्टरपंथी बताते हुए कहा कि समय रहते अगर कार्रवाई न की होती तो लॉस एंजिलिस जलकर खाक हो जाता। साथ ही ट्रंप ने पश्चिम एशिया से सैनिक हटाने की बात कही और ईरान को परमाणु हथियार न बनाने की कड़ी चेतावनी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में जारी विरोध प्रदर्शनों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने समय पर कदम न उठाए होते, तो लॉस एंजिलिस पूरी तरह तबाह हो चुका होता।
ट्रंप ने कहा कि मैं बहुत गर्व से कहता हूं कि मैंने लॉस एंजिलिस को बचाने में मदद की। अगर हमने जो किया वो नहीं किया होता, तो आज यह शहर जलकर खाक हो गया होता। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कट्टरपंथी वामपंथी उन्मादी बताया और कहा कि इनमें से कई लोग शायद पैसे लेकर ये काम कर रहे हैं।
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पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर भी बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ देशों से अमेरिकी सैनिकों को हटाया जा रहा है क्योंकि वहां हालात खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने वहां से हटने का नोटिस दे दिया है और देखते हैं आगे क्या होता है। इसके साथ ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकते। बिल्कुल साफ है, हम ऐसा नहीं होने देंगे।
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लॉस एंजिलिस में क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन, समझिए
गौरतलब है कि अपने शुरुआती बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो लॉस एंजिलिस को बचाने का दावा कर रहे थे, वो वहां लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शन और तनाव के संदर्भ में था। बात अगर लॉस एंजिलिस में बढ़ रहे तनाव की करें तो, वहां ट्रंप की इमिग्रेशन नीति के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने लॉस एंजिलिस में भारी मात्रा में सैनिकों की तैनाती कर दी है।
ट्रंप के इस सख्ती के चलते हाल ये है कि बीते शुक्रवार से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका हैं, जिनमें डलास, ऑस्टिन, शिकागो और न्यूयॉर्क शामिल हैं। साफ शब्दों में कहा जाए तो इन प्रदर्शनों की जड़ में ट्रंप प्रशासन द्वारा देशभर में इमिग्रेशन कानून के तहत छापों की संख्या बढ़ाने की योजना है।