फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Donald Trump: गोपनीय दस्तावेज नहीं लौटाने पर बढ़ीं ट्रंप की मुसीबतें, क्या वह लड़ पाएंगे 2024 राष्ट्रपति चुनाव?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 10 Jun 2023 05:27 PM IST

सार

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप है कि राष्ट्रपति रहने के दौरान उन्होंने सैकड़ों गोपनीय दस्तावेजों को अपने पास रखा। साथ ही गलत बयानबाजी भी की। जांच एजेंसियों ने ट्रंप के खिलाफ सात आपराधिक मामलों में आरोप तय किए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : AMAR UJALA
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक के बाद एक आरोप लग रहे हैं। ट्रंप पर अब व्हाइट हाउस से वर्गीकृत (गोपनीय) दस्तावेज अपने आवास ले जाने के मामले में अभियोग लगा है। अमेरिकी इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति पर आपराधिक मामले में अभियोग लगाया गया है। 

आरोप उस समय सामने आए हैं, जब देश में अगले राष्ट्रपति चुनाव की हलचल तेज होने लगी है और ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन में उम्मीदवारी पाने की होड़ शुरू हो गई है। अमेरिकी चुनाव से पहले वर्गीकृत दस्तावेज का मसला ट्रंप के लिए घातक साबित हो सकता है। ट्रंप इसे साजिश बताते हुए सत्ताधारी दल पर हमलावर हैं।  


ट्रंप के खिलाफ वर्गीकृत दस्तावेज का केस क्या है? केस से ट्रंप की मुश्किलें क्यों बढ़ सकती हैं? क्या इससे ट्रंप के चुनाव लड़ने पर भी खतरा पैदा हो सकता है? ट्रंप ने आरोपों पर क्या कहा है? पहले किन मामलों में उनकी परेशानी बढ़ी? आइये समझते हैं…
विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : AMAR UJALA
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक के बाद एक आरोप लग रहे हैं। ट्रंप पर अब व्हाइट हाउस से वर्गीकृत (गोपनीय) दस्तावेज अपने आवास ले जाने के मामले में अभियोग लगा है। अमेरिकी इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति पर आपराधिक मामले में अभियोग लगाया गया है। 

आरोप उस समय सामने आए हैं, जब देश में अगले राष्ट्रपति चुनाव की हलचल तेज होने लगी है और ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन में उम्मीदवारी पाने की होड़ शुरू हो गई है। अमेरिकी चुनाव से पहले वर्गीकृत दस्तावेज का मसला ट्रंप के लिए घातक साबित हो सकता है। ट्रंप इसे साजिश बताते हुए सत्ताधारी दल पर हमलावर हैं।  

ट्रंप के खिलाफ वर्गीकृत दस्तावेज का केस क्या है? केस से ट्रंप की मुश्किलें क्यों बढ़ सकती हैं? क्या इससे ट्रंप के चुनाव लड़ने पर भी खतरा पैदा हो सकता है? ट्रंप ने आरोपों पर क्या कहा है? पहले किन मामलों में उनकी परेशानी बढ़ी? आइये समझते हैं…

डोनाल्ड ट्रंप वर्चुअली रूप से कोर्ट में हुए पेश। - फोटो : सोशल मीडिया
ट्रंप के खिलाफ वर्गीकृत दस्तावेज का केस क्या है? 
ट्रंप पर आरोप है कि राष्ट्रपति रहने के दौरान उन्होंने सैकड़ों गोपनीय दस्तावेजों को अपने पास रखा। साथ ही गलत बयानबाजी भी की। जांच एजेंसियों ने ट्रंप के खिलाफ सात आपराधिक मामलों में आरोप तय किए हैं। सरकार की राष्ट्रीय अभिलेखागार और अभिलेख एजेंसी (एनएआरए) ने उन्हें सूचित किया कि वह ओरिजिनल रिकॉर्ड्स वाले दो दर्जन बक्सों को वापस करने में विफल रहे हैं। इस मामले की जांच मई 2022 में ट्रंप को मिले एक समन के साथ से शुरू हुई।

नेशनल आर्काइव ने ट्रंप के व्हाइट हाउस में रहने के दौरान उनसे और उनकी टीम से राष्ट्रपति रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज लौटाने की मांग की थी। हालांकि, कई महीने बाद करीब 200 गोपनीय दस्तावेज लौटाए गए। पिछले साल अगस्त में अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी फेडरल इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (एफबीआई) ने इस मामले में फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के निवास मार-ए-लेगो पर छापा मारा था। तब एफबीआई ने दावा किया था कि उसे वहां 100 क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट मिले हैं।

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला
अब आगे क्या होगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्याय विभाग ने डोनाल्ड ट्रंप पर गोपनीय जानकारी अपने पास रखने और न्याय में बाधा डालने से संबंधित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों में से एक यह भी है कि उन्होंने पेंटागन पर "हमले की योजना" के बारे में बताया और एक सैन्य अभियान से संबंधित एक गोपनीय नक्शे को साझा किया। संघीय अभियोजकों ने उन पर अमेरिकी परमाणु और रक्षा कार्यक्रमों से जुड़े टॉप सीक्रेट फाइलें अवैध रूप से रखने का आरोप लगाया।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी कि उन्हें मयामी स्थित फेडरल कोर्ट में अगले मंगलवार (13 जून) को पेश होने को कहा गया है। ट्रंप ने मीडिया को बताया कि वे कोर्ट में खुद को निर्दोष बताएंगे और यह मुकदमा लड़ेंगे। 

ट्रंप ने की थी जिस जज की नियुक्ति वही करेगीं केस की सुनवाई
ट्रंप के खिलाफ नए संघीय आपराधिक मामले की सुनवाई मियामी के फेडरल डिस्ट्रिक्ट जज एलीन कैनन को सौंपी गई है। कैनन की नियुक्ति ट्रंप द्वारा ही की गई थी। कैनन पिछले साल लोगों की नजरों में तब आई थीं जब उन्होंने फ्लोरिडा में ट्रंप के मार-ए-लागो निवास की एफबीआई की जांच से जुड़ी अदालती प्रक्रियाओं की सुनवाई की थी।

मार-ए-लागो से दस्तावेजों की जांच के मामले में सुनवाई के लिए जब कैनन को जिम्मेदारी मिली थी तो कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने जांच पर संदेह जताया था। अब एक बार फिर ट्रंप को लीक हुए गोपनीय दस्तावेजों की जांच में आरोपित किया गया है और मंगलवार को मियामी संघीय अदालत में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सुनवाई के लिए उन्हें उपस्थित होना है।

Donald Trump during Election campaign - फोटो : PTI (File Photo)
क्या इससे ट्रंप के चुनाव लड़ने पर भी खतरा पैदा हो सकता है?
अगले साल अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं, इस लिहाज से ट्रंप के खिलाफ यह आरोप अहम हैं। ट्रायल शुरू होने में अभी महीनों का समय लग सकता है। इस दौरान ट्रंप स्वतंत्र रूप से अपना चुनाव प्रचार कर सकते हैं।

यदि अदालत द्वारा ट्रम्प को दोषी पाया जाता है, तो भी वह कानूनी रूप से राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगे। दरअसल अमेरिकी संविधान के लिए केवल यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमेरिकी नागरिक हों जो कम से कम 35 वर्ष के हों और 14 वर्षों से देश में रह रहे हों। नियमों के मुताबिक, राष्ट्रपति के लिए दोषी अपराधी या यहां तक कि सलाखों के पीछे रहकर भी चुनाव लड़ने के लिए कोई कानूनी बाधा नहीं है।

US Former President Donald Trump - फोटो : ANI
ट्रंप ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
वहीं, अपने खिलाफ नए आरोप लगने के बाद ट्रंप ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि 'उन्होंने कभी नहीं सोचा था अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के साथ ऐसी चीजें भी होंगी! जिस व्यक्ति को अभी तक के सभी राष्ट्रपतियों के मुकाबले सबसे ज्यादा वोट मिले और अभी भी मौजूदा राष्ट्रपति के मुकाबले ज्यादा लोकप्रिय है, उसके साथ ऐसा हो रहा है। मैं बेगुनाह हूं।'

ट्रंप ने कहा कि 'यह अमेरिका के इतिहास का काला दिन है। एक देश के तौर पर हमारा तेजी से ह्रास हो रहा है लेकिन साथ मिलकर हम फिर से अमेरिका को महान बनाएंगे'। 

Former US President Donald Trump - फोटो : सोशल मीडिया
पिछले माह ही अदालत ने यौन शोषण मामले में ट्रंप को ठहराया था दोषी
पिछले महीने ट्रंप को मैनहैटन संघीय अदालत ने यौन शोषण और मानहानि के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप पर पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया था। दरअसल, ट्रंप 1990 के दशक में एक महिला के साथ यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next