सदन में महाभियोग प्रक्रिया के प्रबंधकों ने सीनेट में महाभियोग की सुनवाई में गवाही के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बुलाया। ट्रंप को छह जनवरी की घटना में उनकी भूमिका के संबंध में बुलाया गया लेकिन उनके वकील ने स्पष्ट कर दिया है वह गवाही देने नहीं आएंगे।
प्रमुख प्रबंधक जैमी रस्किन ने ट्रंप को लिखे पत्र में उनसे सुनवाई के दौरान या उससे पहले शपथ के साथ गवाही देने को अनुरोध किया था। ट्रंप की कानूनी टीम के महाभियोग के मामले में जवाब दाखिल करने के बाद यह पत्र भेजा गया था जवाब में उनकी टीम ने कहा था कि महाभियोग ऐसे व्यक्ति पर चलाया जाता है जिसके पास इससे संबंधित पद हो...क्योंकि वह (ट्रंप) अब राष्ट्रपति नहीं हैं, इसलिए उनपर महाभियोग नहीं चलाया जा सकता।
जैमी रस्किन ने ट्रंप को लिखे पत्र में कहा कि दो दिन पहले, आपने जवाब दाखिल किया था, जिसमें आपने महाभियोग से जुड़े कई तथ्यात्मक आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने पत्र में कहा कि आपके इन तथ्यात्मक आरोपों का खंडन करने के मद्देजनर, मैं आपको छह जनवरी 2021 की घटना में आपकी भूमिका के संबंध में शपथ के साथ गवाही देने के लिए बुलाता हूं, आप चाहे सीनेट में महाभियोग की सुनवाई के दौरान या उससे पहले गवाही दे सकते हैं। हम चाहते हैं कि आप सोमवार आठ फरवरी 2021 को गवाही दें और हो सके तो देरी ना करें।
इस पत्र पर पूर्व राष्ट्रपति के वरिष्ठ वकील जैसन मिलने ने कहा कि ट्रंप गवाही नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति असंवैधानिक सुनवाई में गवाही नहीं देंगे। मिलर के बयान पर रस्किन ने कहा कि आज मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को छह जनवरी की घटना के संबंध में गवाही देने का विकल्प दिया था और उन्होंने इससे मना कर दिया।
उनके वकील के बयान के बावजूद, अमेरिका की सरकार के खिलाफ सशस्त्र हिंसा भड़काने के किसी भी आरोपी को स्वतंत्रता एवं ईमानदारी से गवाही देने का मौका देना चाहिए...लेकिन जब अधिकारी के पास बचाव में कहने के लिए कुछ हो। हम सुनवाई में यह साबित करेंगे कि ट्रंप का आचरण अस्वीकार्य है।