अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में हार नहीं स्वीकार करना शर्मिंदगी से भरा हुआ है। चुनावी नतीजे सामने आने के बाद से ट्रंप लगातार अपनी हार को नकार रहे हैं। इसे लेकर उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है।
डेलावेयर में बोलते हुए बाइडन ने कहा, मुझे लगता है कि यह शर्मिंदगी भरा है। काफी स्पष्ट रूप से, एकमात्र बात यह है कि मुझे लगता है कि यह राष्ट्रपति की विरासत को नुकसान पहुंचाएगा। मुझे लगता है कि अंत में 20 जनवरी को सारी चीजें ठीक हो जाएंगी और फिर एक उम्मीद यह है कि अमेरिकी लोग समझते हैं कि परिवर्तन हो चुका है।
उन्होंने आगे कहा, वह ट्रंप को वोट देने वाले लोगों के नुकसान की भावना को समझते हैं और कहा कि उनमें से अधिकांश देश को एकजुट करना चाहते थे। बाइडन ने कहा, मुझे लगता है कि वे समझते हैं कि हमें साथ आना होगा। मुझे लगता है कि वे एकजुट होने के लिए तैयार हैं और मेरा मानना है कि हम इस देश को इस कड़वी राजनीति से बाहर निकाल सकते हैं जिसे हमने पिछले चार पांच सालों में देखा है।
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राष्ट्रपति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर, पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, मुझे कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। स्पष्ट रूप से, मुझे लगता है कि कानूनी कार्रवाई हो रही है, जो आप बाहर देख रहे हैं। वह जो कार्रवाई कर रहे हैं। अभी तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री माइक पोम्पियो द्वारा किए गए किसी भी दावे का कोई सबूत नहीं है।
जब बाइडन से यह पूछा गया कि रिपब्लिकन आपकी जीत को स्वीकार करने के लिए अनिच्छुक नजर आ रहे हैं। इस पर बाइडन ने कहा, वे लोग जल्द ही इसे स्वीकार करेंगे। बाइडन ने कांटे की टक्कर में ट्रंप को हराया और अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति चुने गए।
हालांकि, ट्रंप ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि चुनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के अभियान ने कुछ बैटलग्राउंड स्टेट में नतीजों को चुनौती देने के लिए कई मुकदमे दायर किए हैं।