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'अनोखी जोड़ी': ईरान-US के बीच शांति वार्ता विफल रही, ट्रंप ने PM शहबाज और मुनीर की तारीफ में कसीदे क्यों पढ़े?

Mon, 13 Apr 2026 08:27 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने का दावा कर चुके हैं। हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को हमेशा ही खारिज किया जाता रहा है। इसके बावजूद ट्रंप को जब भी मौका मिलता है, वह फिर से अपना दावा दोहरा देते हैं। इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद एक बार फिर से ट्रंप ने यही किया है।
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ट्रंप ने की मुनीर-शहबाज की तारीफ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने पिछले साल भारत के साथ पाकिस्तान के संघर्ष को रोकने के अपने दावे को फिर से दोहराया, जिसे नई दिल्ली लगातार खारिज करता रहा है। ट्रंप ने शहबाज और मुनीर को अनोखी जोड़ी करार दिया।
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ट्रंप का यह दावा पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच छह सप्ताह पहले शुरू हुई जंग को समाप्त करने के लिए वार्ता की मेजबानी के बाद सामने आया है। ट्रंप ने कहा कि यह मुलाकात शरीफ और मुनीर के बहुत सक्षम नेतृत्व में हुई।

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मुनीर-शहबाज की क्यों की तारीफ?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "मुझे पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सक्षम नेतृत्व में इस्लामाबाद में हुई बैठक के बारे में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जारेड कुश्नर द्वारा पूरी जानकारी दी गई है।"

दोनों पाकिस्तानी नेताओं को असाधारण शख्स बताते हुए ट्रंप ने दावा किया कि वे भारत के साथ हुए भीषण संघर्ष में तीन से पांच करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें लगातार धन्यवाद देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह सुनकर मुझे हमेशा अच्छा लगता है।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का दावा
भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिवसीय संघर्ष तब शुरू हुआ था, जब पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में नई दिल्ली ने पिछले साल सात मई को पाकिस्तानी जमीन पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। 10 मई को युद्धविराम की घोषणा की गई थी। इस युद्धविराम का श्रेय पाकिस्तान भी डोनाल्ड ट्रंप को देता है। हालांकि, भारत ने बार-बार कहा है कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए इसके बेनतीजा रहने की अलग-अलग वजहें बताईं। दरअसल, अमेरिका ने ईरान से परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने और होर्मुज को तुरंत खोलने की मांग की थी, जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया था।

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