दो साल से इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के चलते गाजा की स्थिति बहुत ही भयावह हो गई। हजारों लोगों की मौत और लाखों लोगों का बेघर होना गाजा को पूरी तरह वीरान कर गया। वहां भुखमरी आज भी अपने चरम पर है। ऐसे में कई दिनों से जारी संघर्ष विराम की कोशिशों के बीच एक अच्छी खबर सामने आ रही है। खबर ये है कि इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध में आखिरकार संघर्ष विराम का पहला चरण तय हो गया है।
यह समझौता काहिरा में हुई बातचीत में हुआ, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-बिंदुओं वाली शांति योजना पर आधारित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते पर आधिकारिक दस्तावेज गुरुवार को मिस्र की राजधानी काहिरा में हस्ताक्षरित होंगे। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी सप्ताह इस्राइल और मिस्र की यात्रा पर जाएंगे।
संघर्ष विराम के पहले चरण में क्या-क्या?
बता दें कि इस संघर्ष विराम के पहले चरण के तहत, हमास सात अक्तूबर 2023 के हमले के बाद बंदी बनाए गए 48 इस्राइली नागरिकों को रिहा करेगा। हालांकि, इनमें से केवल लगभग 20 लोगों के जीवित होने की उम्मीद है। इसके बदले में इस्राइल सैकड़ों फलस्तीनियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएं, बच्चे और आजीवन कारावास की सजा पाए हुए कैदी शामिल होंगे।
पहले के समझौतों के आधार पर, एक इस्राइली बंधक के बदले कम से कम 100 फिलिस्तीनी रिहा किए जाएंगे। इतना ही नहां समझौते के तहत जब तक दोनों पक्ष पूर्ण संघर्ष विराम की शर्तों को नहीं मान लेते, तब तक सभी सैन्य गतिविधियां, जैसे हवाई और तोपों से गोलाबारी रोक दी जाएंगी और सेना अपनी जगह स्थिर रहेगी।
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व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस के अनुसार, जब सभी बंधकों को रिहा कर दिया जाएगा, तब इस्राइल 250 आजीवन कारावास पाए हुए फलस्तीनी कैदियों और हमास हमले के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाजावासियों को छोड़ेगा। इसके अलावा प्रत्येक मृत इस्राइली बंधक के शव के बदले इस्राइल 15 मृत गाजावासियों के शव लौटाएगा।
ट्रंप की योजना के तहत, समझौते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधक, चाहे जीवित हों या मृत रिहा कर दिए जाएंगे। कतर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस पहले चरण में गाजा में राहत सामग्री और जरूरी सहायता भी पहुंचाई जाएगी, जहां अब भुखमरी जैसे हालात हैं।