अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थैंक्सगिविंग के मौके पर अचानक अफगानिस्तान पहुंचकर तालिबान के साथ एक बार फिर शांति वार्ता शुरू करने का ऐलान किया, लेकिन अपने सैनिकों को वहां से वापस बुलाने की कोई समयसीमा देने से मना कर दिया।
अमेरिका में नवंबर का चौथा गुरुवार थैंक्सगिविंग डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में छुट्टी होती है। इस दिन लोग अपने परिचितों, मित्रों, परिवार के सदस्यों के प्रति आभार जताते हैं। 1789 में अमेरिकी संसद के आग्रह पर प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने इसकी शुरुआत की थी। ट्रंप ने भी अपनी यह छुट्टी अफगानिस्तान में मनाई।
अफगानिस्तान के लिए 25 घंटे की हवाई यात्रा को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार देर रात 2 बजे पत्रकारों को रिपोर्टिंग की अनुमति मिली। ट्रंप का विमान फ्लोरिडा से वाशिंगटन के पास एक संयुक्त सैन्य अड्डे पर गया, जहां से वह दूसरे एयरफोर्स-1 में सवार हुए। उड़ान भरते वक्त विमान की विमान की खिड़कियां और लाइटें अंदर से बंद रखी गईं ताकि पत्रकारों को पता न चले कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।
तालिबान ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता बहाली पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप द्वारा दोबारा शांतिवार्ता शुरू करने की घोषणा के बाद तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक व्हाट्सएप संदेश में कहा, ‘वार्ता बहाल होने के बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी। हम बाद में अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे।’