पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष को एक महीने से ज्यादा हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पश्चिम देशों के सैन्य संगठन नाटो की ओर से इस युद्ध में हिस्सा न लेने की बात से नाराज चल रहे हैं। वहीं, ईरान के खिलाफ जंग छेड़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद उन्होंने इसे खुलवाने को एशियाई देशों की जिम्मेदारी बता दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। व्हाइट हाउस में आयोजित एक निजी ईस्टर लंच के दौरान ट्रंप ने उन एशियाई देशों के प्रति निराशा जताई, जो खाड़ी क्षेत्र के तेल पर अमेरिका की तुलना में अधिक निर्भर हैं।
विज्ञापन
ट्रंप ने कहा, ''दक्षिण कोरिया को यह करना चाहिए। हमारे 45,000 सैनिक वहां तैनात हैं, जो एक परमाणु शक्ति के पास हैं। जापान को भी यह करना चाहिए। उन्हें अपने 90 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी जलडमरूमध्य से मिलती है। चीन को भी आगे आना चाहिए।''
नाटो पर जमकर निकाली भड़ास
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाटो (NATO) की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने नाटो को बहुत खराब सहयोगी और कागजी शेर बताते हुए मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि अगर कभी बड़ा संकट आता है, तो नाटो मदद के लिए मौजूद नहीं होगा।
ट्रंप ने कहा, ''नाटो ने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। आपको याद रखना होगा, क्योंकि अगर हमें कभी उनकी जरूरत पड़ी तो वे फिर से हमारे साथ बुरा बर्ताव करेंगे। उम्मीद है कि हमें कभी उनकी जरूरत नहीं पड़ेगी। मुझे नहीं लगता कि वे कुछ खास कर सकते हैं।''
व्हाइट हाउस ने हटाया टिप्पणी का वीडियो
ट्रंप की ये टिप्पणियां उस वीडियो में सामने आईं, जिसे व्हाइट हाउस द्वारा अपलोड किया गया था, लेकिन बाद में हटा लिया गया। इस वीडियो को बिजनेस इनसाइडर के एक पत्रकार ने ऑनलाइन पोस्ट किया था। व्हाइट हाउस ने इस वीडियो को हटाने के कारणों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।