डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर ईरान किसी राजनयिक समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिका उसके खिलाफ फिर से सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपने पिछले फैसलों का जिक्र किया और ईरानी नेतृत्व की आलोचना की। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना सकता है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर तेहरान कोई समझौता नहीं करता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर एक और अमेरिकी हमले की संभावना का संकेत दिया है। उनका कहना है कि 'हो सकता है कि हम एक और जोरदार हमला करें, या फिर वे किसी समझौते के लिए मान जाएं।' उन्होंने कहा कि 'अगर वे समझदार हैं, तो वे बस यही कहेंगे कि 'चलिए, काम की बात करते हैं।' लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा करेंगे, क्योंकि शायद वे समझदार नहीं हैं।'
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अमेरिकी राजदूत ने हमले को लेकर क्या कहा?
बता दें कि अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने शुक्रवार को तुर्की में कहा कि ईरान पर इस सप्ताह के अंत तक हमला हो सकता है। खाड़ी देशों के दौरे के दौरान, मारियो नवाफल के पॉडकास्ट को दिए एक साक्षात्कार में बैराक ने कहा, 'क्या इस सप्ताहांत हमला हो सकता है? बिल्कुल हो सकता है।' इस दौरान बैराक ने इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रंप अभी भी राजनयिक समाधान के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप का रुख बिल्कुल साफ है। वे समझौते के लिए तैयार हैं और हम महीनों से बातचीत की मेज पर बैठे हैं।
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क्या है 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी'?
बता दें कि फरवरी में अमेरिकी सेना और इस्राइल ने मिलकर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य मारे गए थे। पिछली सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के जरिए ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। हमने उन्हें सैन्य, आर्थिक और हर दूसरे मोर्चे पर हराया है और अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि काम पूरा हो जाए।' ट्रंप का यह बयान तब आया है जब एक अमेरिकी राजनयिक ने संकेत दिया है कि ईरान पर जल्द ही नए हमले हो सकते हैं। इससे पहले जब ट्रंप से ऐसे किसी अभियान की संभावना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है।