ट्रंप की सुरक्षा के लिए सिर्फ स्थानीय स्तर पर इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं बल्कि प्रदेश और केंद्र के गृह विभाग भी कई कदम उठा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर एक और कदम यह उठाया गया है कि शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात की जाएगी।
एनएसजी एंटी अनमेन्ड एयर व्हीकल डिफेंस सिस्टम लगाएगा। यह ऐसा सिस्टम है जो हवा में ड्रोन जैसे मानवरहित विमान का पता चलते ही उसे निष्क्रय कर देता है। जल्द ही एयरफोर्स हवा से निगरानी शुरू कर सकती है। अमेरिका से आई अफसरों की एडवांस टीम सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने पर काम कर रही है। आगरा में ऐसे विमान तैनात हैं जो किसी भी खतरे से पहले वार्निंग और दूर तक नजर रखने का काम करते हैं। बीस साल पहले जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन आए थे, तब वायुसेना ने हवा में निगरानी की थी।
स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा का घेरा बढ़ा दिया गया है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व ने एक टीम ने मंगलवार को सफाई, सड़क मरम्मत आदि काम में लगे कर्मचारियों और मजदूरों का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की। शहर के 108 इलाकों में पुलिस तैनात की जाएगी। तीन दिन बाद ही बाहर से फोर्स आनी शुरू हो जाएगी।
अमेरिकी सैलानियों की पहली पसंद रहा है ताजमहल
अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहॉवर हों या बिल क्लिंटन, जब भी अमेेरिकी राष्ट्रपति ताजमहल के दीदार के लिए आए, उनकी यात्रा के बाद अमेरिका के सैलानियों की संख्या ताजमहल पर बढ़ी है। यही वजह है कि ताजमहल पर दुनिया भर से आने वाले सैलानियों की संख्या में अमेरिकी पर्यटक पहले नंबर पर हैं। ताज के दीदार में ब्रिटिश सैलानी दूसरे तो चीन के सैलानी तीसरे नंबर पर हैं। पर्यटन उद्यमियों को उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के बाद अमेरिका से आने वाले सैलानियों की संख्या में बंपर उछाल आ सकता है।
भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वीडियो संदेश को लेकर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। प्रवक्ता मनीष तिवारी का कहना है कि भारत की हमेशा से अतिथियों के स्वागत की परंपरा रही और हम उनके आगमन का स्वागत करते हैं लेकिन अपने दौरे के ठीक पहले वीडियो संदेश में वे कहते हैं कि इंडिया हैस ट्रीटेड नॉट फेयरली और भारत को लेकर नाखुशी जाहिर करें ये ठीक नहीं।
उन्हें हमारे देश और देशवासियों की बेज्जती का हक नहीं है। हमारे देश की भी गरिमा है। विदेश मंत्रालय को उनके इस बयान पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। ट्रंप के स्वागत में 70 लाख लोगों को जुटाए जाने के सवाल पर तिवारी ने कहा कि हमारा देश विविधता से भरा है गौरव है जुलूस और जलसों में हिस्सा लेना हमारी खूबी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले हफ्ते होने जा रही यात्रा यादगार बनाने के लिए भारत उल्टी गंगा बहाकर उसका पानी आगरा पहुंचा रहा है। अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ के दौरान हजारों लोग उनका स्वागत करेंगे। इन सबके बावजूद ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिका से अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान भारत से कोई बड़ा कारोबारी समझौता नहीं हो सकेगा। हालांकि उम्मीद जताई कि बाद में समझौता हो सकता है। नवंबर में प्रस्तावित अमेरिकी चुनाव से पहले यह होगा या नहीं, फिलहाल नहीं कहा जा सकता।
इससे पहले भी ट्रंप अमेरिका-भारत के कारोबारी संबंधों पर असंतोष जता चुके हैं। अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे आयात शुल्क के लिए उन्होंने भारत को ‘टैरिफ किंग’ बताया था। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप में कहा, हम भारत के साथ बड़ा कारोबारी समझौता करने जा रहे, हम यह जरूर करेंगे। पर मुझे नहीं पता कि यह चुनाव से पहले होगा या नहीं, लेकिन भारत के साथ बहुत बड़ी डील जरूर होगी।
उन्होंने दोनों देशों के कारोबारी संबंधों पर चिंता जताते हुए कहा, भारत हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है। ट्रंप के इस रुख के बाद माना जा रहा है कि कारोबारी समझौते के बजाए कारोबारी पैकेज तय किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है लेकिन यह संकेत मिले हैं कि अमेरिका के कारोबारी प्रतिनिधि व भारत से कारोबारी वार्ता के केंद्र में रहने वाले रॉबर्ट लाइटहाइजर इस यात्रा में नहीं होंगे। लाइटहाइजर और भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल में बीते कुछ हफ्तों से फोन पर कई राउंड की वार्ता हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण रक्षा सौदों पर सहमति बन सकती है। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बुधवार को कहा, पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रंप 25 फरवरी को रक्षा सौदों और कारोबारी समझौतों समेत कई मुद्दों पर बात करेंगे। इस दौरान अमेरिका से नौसेना के लिए रोमियो और वायुसेना के लिए अपाचे हेलिकॉप्टर खरीद के 2.6 अरब डॉलर (25,250 करोड़ रुपये) के सौदे पर मुहर लग सकती है।
विदेशी सचिव ने बताया, दोनों देशों में साथ आगे बढ़ने की सोच है। अहमदाबाद का ‘नमस्ते लंदन’, ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ जैसा ही होगा। इस बीच, उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि दोनों देश कारोबारी समझौतों पर तेजी दिखाने से बच रहे हैं। दोनों पक्ष इन फैसलों के दीर्घकालिक असर को देखते हुए फैसला करेंगे। इससे पहले ट्रंप ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा कि वह भारत से करोबारी समझौता करना चाहते हैं लेकिन फिलहाल कोई बड़ा कारोबारी समझौता नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर कोई नेता नहीं हो सकता, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों से शानदार संबंध बनाए रख सके। उन्होंने अपनी टीम के साथ ऐसा काम किया है कि दोनों नेताओं को लगेगा कि मोदी हमें ज्यादा पसंद करते हैं। आज यूरोप हो या दुनिया में बाकी जगह, सभी नेता किसी एक दिशा में जाते दिखते हैं या दूसरी। लेकिन पीएम मोदी के साथ ऐसा नहीं है।
यह भारतीय जटिल रणनीतिक कूटनीति और चीजों को समझने का शानदार उदाहरण है। वहीं ट्रंप की दिलचस्पी फिर से चुनाव जीतने में है, न कि अमेरिकी की वैश्विक भूमिका को लेकर। उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समूहों को ऊर्जा दी है। यह समूह लोकतांत्रिक रहे हैं, लेकिन आगे क्या होगा निश्चित नहीं है। यह समूह भारत-अमेरिकी संबंधों में दिलचस्पी लेने लगेंगे। चाहेंगे कि दोनों देश सक्रिय आगे बढ़ें। देखते हैं क्या परिणाम निकलता है। इस सबके बीच मुझे पूरी उम्मीद है कि भारत में ट्रंप की यात्रा विजयपूर्ण रहेगी।
इधर विपक्ष का हमला
चुनावी नौटंकी
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कह कि ट्रंप का दाैरा और कारोबारी समझौता चुनावी नौटंकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी ट्रंप किसी भी ‘बड़े कारोबारी समझौते’ के वादे को नहीं निभाने वाले। उनका दौरा चुनावी अभियान का हिस्सा है। भारत सरकार का उपयोग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हो रहा है।
ट्रंप क्या भगवान हैं
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि क्या ट्रंप भगवान हैं कि इतने लोग उनके स्वागत में जमा किए जा रहे हैं? ट्रंप अपने फायदे के लिए भारत आ रहे हैं, वे कोई कारोबारी समझौता भी नहीं करने जा रहे। वे बस अमेरिका का फायदा देख रहे हैं, हमें खुश करने नहीं आ रहे।
देश की प्रतिष्ठा का अपमान
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि ट्रंप का भारत को लेकर कथन देश की प्रतिष्ठा का अपमान है, विदेश मंत्रालय व सरकार को इसका सटीक जवाब देना चाहिए। ट्रंप का कथन बीते वर्षों में भारत-अमेरिकी संबंधों की प्रगति को नष्ट करता है।
भाजपा का जवाब: ओछी राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण
भाजपा के महासचिव राम माधव ने कहा कि अमेरिका से संबंधों को ऊंचे स्तर पर ले जाने के लिए भारत ने अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप नाम से विशाल जनसभा का आयोजन किया हैै। ट्रंप की यात्रा से कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद मिलेगी। विश्व के इतने बड़े नेता के आने पर विपक्ष का छोटी घरेलू राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।