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कोरोना : अब तमिलनाडु में सामने आए दो संदिग्ध मरीज, चीन से आए जहाज में थे सवार

Thu, 20 Feb 2020 04:29 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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कोरोनावायरस की चपेट में चल रहे चीन से आए एक जलयान के चालक दल के दो सदस्यों को बुखार होने के जानकारी मिलने के बाद उन्हें एकांत में रखा गया है। जहाज को भी लोगों की पहुंच से दूर रखा जा रहा है। चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट ने बुधवार को बताया, 19 सदस्यीय चीनी चालक दल के यह सदस्य मंगलवार को बंदरगाह पहुंचे थे।

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इस जहाज को चीनी बंदरगाह के अपने आखिरी पड़ाव से 14 दिन के इनक्यूबेशन अवधि के बाद आने की इजाजत दी गई थी। जहाज यहां आया तो बंदरगाह पर तैनात डॉक्टरों की टीम ने चालक दल के सभी सदस्यों की जांच की। 

इस दौरान 19 लोगों में से दो को हल्का बुखार मिला। हालांकि उनमें किसी तरह के दूसरे लक्षण नहीं मिले। जानकारी सामने आते ही चालक दल को जहाज में एकांत में रखा गया है और जहाज तक किसी और को पहुंच बनाने से रोक दिया गया है। इन दोनों लोगों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

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डायमंड प्रिंसेज क्रूज पर संक्रमित भारतीयों की संख्या सात हुई

योकोहामा तट पर खड़े क्रूज पर सवार भारतीयों में एक और व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिला है। इससे कोरोनावायरस का यहां सामना कर रहे लोगों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। देर शाम यहां कार्यरत भारतीय दूतावास ने ट्वीट से बताया कि इन सात लोगों की हालत स्थिर है और सेहत में सुधार आ रहा है। इसके अलावा जहाज पर कोरोना पीड़ित 79 और नए लोगों का पता चला है। 

क्रूज पर फंसी सोनाली का एक और वीडियो, मोदी से जान बचाने की अपील

जहाज पर फंसी भारतीय क्रू सदस्य सोनाली ठक्कर का नया वीडियो सामने आया है। वह इस वीडियो में उसने पीएम मोदी को जान बचाने की मार्मिक अपील की है। वीडियो में सोनाली कह रही हैं, प्रधानमंत्री मोदी जी ये रिक्वेस्ट करना चाहती हूं कि वे हमारे लिए कुछ मदद भेजें। चौदह दिन हो चुके हैं, हमें यहां फंसे हुए। हमें अब तक इस शिप में रखा गया है। हमारे टेस्ट भी अब तक पूरे नहीं हुए हैं। हम सारे क्रू मेंबर इंतजार  कर रहे हैं कि हमारे सारे टेस्ट पूरे करके इस शिप से अलग कर दिया जाए। हमें वापस इंडिया बुलाया जाए।

इससे क्रू पर सवार और संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 624 हो गई है। साथ ही जापान में 68 और लोग संक्रमित मिले हैं। क्रू पर सवार करीब 3700 लोगों में से अब तक करीब 800 लोगों को बुधवार को उतार लिया गया है। चीन से बाहर इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या एक हजार को पार कर गई है।

आईटीबीपी सेंटर से आखिरी जत्था भी घरों को रवाना

वुहान से निकाल कर यहां रखे गए भारतीयों का तीसरा और आखिरी जत्था भी अपने घरों को रवाना कर दिया गया। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को दो समूहों में रवाना किया गया गया था। यहां बने केंद्र में 406 लोग रखे गए थे। आईटीबीपी प्रवक्ता विवेक कुमार पांडेय ने यह जानकारी दी।

चीन में मृतकों की तादाद दो हजार के पार

चीन में कोरोनावायरस ने मंगलवार को 136 लोगों को निगल लिया। इससे इस बीमारी के कारण यहां जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 2004 पर पहुंच गई। इसके कुल 74,185 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया, 1,749 नए मामले सामने आए हैं। आयोग ने बताया, करीब 12 हजार मरीजों की हालत गंभीर है। 

अभी तक 14,376 संक्रमित लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। उधर हांगकांग में कोरोनावायरस से संक्रमित एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही यहां कोरोनावायरस के कारण मरने वालों की संख्या दो हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कोरोनावायरस से संक्रमित 70 वर्षीय व्यक्ति की हालत खराब हो गई थी और प्रिंसेस मार्गरेट अस्पताल में सुबह उनकी मौत हो गई।

चीन का तीन अमेरिकी पत्रकारों को देश से बाहर जाने का आदेश

चीन ने बीजिंग में कोरोनावायरस की कवरेज को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल के तीन पत्रकारों को देश छोड़ने का हुक्म जारी कर दिया है। हाल के वर्षों में देश से निकाले जाने वाले पत्रकारों की यह सबसे बड़ी तादाद है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुनाग ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि इस अखबार में तीन फरवरी को चीन सरकार के कोरोनावायरस से निपटने के तौर तरीकों से आलोचना की थी।
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12 दवा सामग्री और फॉर्मूले के निर्यात पर रोक की सिफारिश

भारतीय दवा उद्योग पर कोरोना वायरस के प्रभावों को देखते हुए सरकारी पैनल ने 12 दवा सामग्रियों (एपीआई) और फॉर्मूले के निर्यात पर रोक लगाने की सिफारिश की है। यह पैनल चीन से दवाओं की आपूर्ति पर नजर रखता है।  

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के डिप्टी सचिव एमके भारद्वाज ने विदेश व्यापार महानिदेशालय को भेजे पत्र में कहा है कि 12 एपीआई और फॉर्मूले के निर्यात को तत्काल रोका जाना चाहिए। इसमें कई तरह के एंटीबायोटिक्स जैसे कोरमफेनिकॉल, नियोमाइसिन, मेट्रोनिडाजोल और विटामिन बी1, बी12 व बी6 के साथ प्रोजेस्ट्रॉन जैसे हॉर्मोन से जुड़े रसायन शामिल हैं। 

फार्मास्युटिकल्स विभाग ने संयुक्त दवा नियंत्रक की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया था, जो एपीआई की आपूर्ति पर नजर रखती है। इसके अलावा समिति इस बात की भी निगरानी करती है कि चीन से किस तरह के रसायन का आयात हो रहा है और कोरोना वायरस संकट के आलोक में भारत में उसकी आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा।

दवा क्षेत्र के साथ नीति आयोग का मंथन

दवा रसायनों की आपूर्ति को लेकर नीति आयोग ने बुधवार को फार्मा सेक्टर के साथ मंथन किया। सूत्रों ने बताया कि बैठक में चीन से घटी आपूर्ति की भरपाई के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और फार्मा विभाग के सचिव पीडी वाघेला, बायोकॉन की चेयरपर्सन व प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ सहित अन्य हस्तियां मौजूद रहीं।

कांत ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए घरेलू उत्पादन पर जोर देने पर मंथन किया गया, जिसके लिए देश में माकूल माहौल विकसित किया जाएगा। इससे पहले दवा निर्माताओं ने सरकार को बताया था कि उनके पास महज 2 से 3 महीने के उत्पादन का स्टॉक बचा है।
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