लॉस एंजेलिस में अप्रवासन नीति के खिलाफ लोगों के विरोध को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कैलिफोर्निया गार्ड्स की तैनाती करने का फैसला किया है। लॉस एंजेलिस में अप्रवासन विभाग की कार्रवाई का विरोध हो रहा है और बीते दो दिनों से अलग-अलग जगहों पर हिंसा भड़क चुकी है। जिसमें पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। हिंसा पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नाराजगी जताई थी और कैलिफोर्निया के गवर्नर पर हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने का आरोप लगाया था। अब नेशनल गार्ड्स की तैनाती के ट्रंप के आदेश के बाद कैलिफोर्निया गवर्नर गैविन न्यूजकम ने विरोध जताया है और इस कदम से तनाव बढ़ने की धमकी भी दी है।
विरोध प्रदर्शन में मास्क पहनने पर रोक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नेशनल गार्ड्स की तैनाती को लेकर सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'लॉस एंजिल्स में दो दिनों की हिंसा, झड़प और अशांति के बाद नेशनल गार्ड ने बहुत बढ़िया काम किया है। भड़काने वालों और अक्सर पैसे लेकर उपद्रव करने वाले ये कट्टरपंथी वामपंथी विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा अब से विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की अनुमति नहीं होगी। इन लोगों के पास छिपाने के लिए क्या है, और क्यों? फिर से, अच्छी तरह से किए गए काम के लिए नेशनल गार्ड को धन्यवाद!'
कैलिफोर्निया के गवर्नर ने दी चेतावनी
व्हाइट हाउस ने शनिवार को एक बयान में कहा कि ट्रंप,कैलिफोर्निया में अराजकता को दूर करने के लिए नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर रहे हैं। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजकम ने इस पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि 'रिपब्लिकन राष्ट्रपति का यह कदम जानबूझकर भड़काऊ है और इससे केवल तनाव बढ़ेगा।' उन्होंने कहा, 'यह गलत मिशन है और इससे जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा। स्थानीय अधिकारी किसी भी समय कानून प्रवर्तन सहायता देने में सक्षम हैं।' गैविन न्यूजकम विपक्षी डेमोक्रेट नेता हैं। शनिवार को कैलिफोर्निया प्रांत के प्रमुख शहर लॉस एंजेलिस के पैरामाउंट नामक इलाके में अप्रवासन नीतियों को विरोध में दंगा भड़क गया। दरअसल अप्रवासन विभाग, पुलिस के साथ मिलकर देशभर में तलाशी अभियान चला रहा है और अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर रहा है। लॉस एंजेलिस में इस सप्ताह 118 कथित अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है।
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कैलिफोर्निया के लॉस एंजेलिस में अप्रवासन नीति पर हो रहा हंगामा
आम लोग और विभिन्न सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को फैशन इलाके में अप्रवासन विभाग ने 44 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसका सामाजिक संगठनों ने विरोध किया और पुलिस से उनकी झड़प हुई। शनिवार को पैरामाउंट इलाके में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब अप्रवासन विभाग ने दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया तो लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान कुछ गाड़ियों में आग लगा दी गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर और आंसू गैस के गोले दागकर हालात को काबू किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने हालात पर नाराजगी जताते हुए कैलिफोर्निया के गवर्नर और लॉस एंजेलिस के मेयर के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। अब ट्रंप ने लॉस एंजेलिस में 2000 नेशनल गार्ड्स की तैनाती का फैसला किया है।
एफबीआई निदेशक ने लॉस एंजिल्स के प्रदर्शनकारियों को पुलिस पर हमला न करने की चेतावनी दी
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने लॉस एंजिल्स में अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों के साथ टकराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि जो कोई भी पुलिसकर्मी पर हमला करेगा, उसे जेल जाना होगा। होमलैंड सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा कि '1,000 दंगाइयों ने एक संघीय कानून प्रवर्तन सेंटर को घेर लिया और आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) एजेंटों पर हमला किया और इमारतों को क्षतिग्रस्त कर दिया।'
काश पटेल ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'पुलिस को मारो तो तुम जेल जाओगे। अगर स्थानीय पुलिस बल हमारे पुरुषों और महिलाओं का समर्थन नहीं करेगा, तो एफबीआई करेगी।' अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'यदि आप किसी कानून प्रवर्तन अधिकारी पर हाथ डालते हैं, तो आप पर मुकदमा चलाया जाएगा।' एफबीआई के उप निदेशक डैन बोंगिनो ने कहा कि एजेंसी कानून प्रवर्तन अभियानों का संचालन करने वाले वाहनों पर पत्थर फेंकने वालों की पहचान के बारे में जानकारी मांग रही है।
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