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ट्रंप ने फिर चुनावी नतीजे पर उठाए सवाल, अश्वेत मतदाताओं पर फोड़ा हार का ठीकरा

Sat, 21 Nov 2020 07:22 PM IST
मुकेश कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी व्हाइट हाउस की बाट जोह रहे हैं। राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव के नतीजे आने के बाद भी उन्हें किसी चमत्कार के होने की उम्मीद है। हालांकि, अब यह मुश्किल है, लेकिन ट्रंप मानने को तैयार नहीं। चुनावी नतीजों में अश्वेत मतदाताओं के मतदान ने काफी अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में ट्रंप ने अब इन्हीं अश्वेत मतदाताओं पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ा है।

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ट्रंप का कहना है कि नतीजे पलटने की वजह फिलेडेल्फिया, डेट्रॉयट और अन्य डेमोक्रेट्स शहरों में डाले गए मतपत्रों को अमान्य करने से संबंधित है। बता दें कि अमेरिका के लगभग हर राज्य से चुनावी नतीजे आने के बाद ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़े लोग केवल उन स्थानों को टारगेट कर रहे हैं, जहां धोखाधड़ी होने की सबसे अधिक संभावना है। 


राष्ट्रपति के सत्ता में बने रहने और नस्लीय भेदभाव वाली टिप्पणियों को लेकर भी काफी आलोचना हो रही है। ट्रंप के वकीलों ने अदालत में व्यापक धोखाधड़ी के कोई सबूत पेश नहीं किए हैं। उन्हें कानूनी चुनौतियों के मद्देनजर अब तक इस मामले में बहुत कम सफलता मिली है।
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वहीं, ट्रंप अभियान की एक वरिष्ठ सलाहकार कैटरीना पियर्सन ने बचाव में कहा है कि इसका उद्देश्य चुनाव की अखंडता का बचाव करके, अश्वेत मतदाताओं सहित हर कानूनी मतदाता के वोट की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक अनियमितताएं सबसे अधिक आबादी वाले और बहुसंख्यक डेमोक्रेट क्षेत्रों में हुई है।

जॉर्जिया में भी ट्रंप को झटका

उन्होंने कहा कि ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी के आधुनिक इतिहास में किसी भी उम्मीदवार की तुलना में अश्वेत समुदाय से कुल वोटों में अधिक समर्थन मिला। पियर्सन ने कहा, डेमोक्रेट्स ने दशकों से अपने स्वयं के राजनीतिक लाभ के लिए अश्वेत मतदाताओं के वोट का उपयोग और दुरुपयोग किया है और उनके इस व्यवहार से साबित होता है कि कुछ भी नहीं बदला है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप कैंपेन के लोग प्रमुख राज्यों में आए नतीजों को बदलवाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से शुक्रवार को ट्रंप ने मिशिगन के रिपब्लिकन सांसदों से मुलाकात की थी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सीनेट के नेता माइक शिर्के और हाउस स्पीकर ली चैटफील्ड से मुलाकात की, जिन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जो मिशिगन के चुनावी नतीजे को बदल देगी।

जॉर्जिया में भी ट्रंप को झटका लगा है। यह भी अब औपचारिक रूप से अपना परिणाम घोषित करने वाला स्टेट बन गया है। मिशिगन के फैसले को लेकर ट्रंप के बयान के बाद सीनेटर मिट रोमनी समेत कई रिपब्लिकन नेताओं ने उनकी खूब आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि यह कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि किसी निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति ने सत्ता में बने रहने के लिए ऐसे अलोकतांत्रिक काम किए हों।
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मिशिगन: बाइडन की जीत पर मुहर लगाने की सिफारिश

मिशिगन की चुनाव एजेंसी ने शुक्रवार को सिफारिश की कि राज्य के चुनाव सर्वेक्षक (स्टेट कैन्वसर्स) तीन नवंबर को हुए चुनाव के परिणामों को अगले सप्ताह सत्यापित करें। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जो बाइडन की जीत को आधार प्रदान करेगा लेकिन मतदान को लेकर दलीय मतभेदों को शायद नहीं समाप्त कर पाए। बोर्ड ऑफ स्टेट कैन्वसर्स की सोमवार की बैठक के औपचारिक नोटिस के साथ सिफारिश को ऑनलाइन जारी किया गया।

उथल-पुथल भरे रहे एक सप्ताह के अंत में यह सिफारिश की गई। इसी सप्ताह ट्रंप ने बाइडन की 1,54,000 मतों की जीत को रद्द करने की असामान्य कोशिश में शुक्रवार को रिपब्लिकन पार्टी के राज्यों के प्रतिनिधियों को व्हाइट हाउस में तलब किया था। मिशिगन की सबसे बड़ी काउंटी वायने में रिपब्लिकन पार्टी के सर्वेक्षकों ने मंगलवार को स्थानीय परिणामों को सत्यापित करने से इनकार कर दिया था लेकिन जूम पर कुछ घंटे की गहन सार्वजनिक आलोचना के बाद अपने रुख में बदलाव कर लिया था।

इसके बाद उन्होंने ट्रंप से बातचीत की और एक दिन बाद कहा कि वे अपने पहले के वोट को खारिज कर रहे हैं लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। राज्य चुनाव ब्यूरो ने कहा कि मिशिगन की सभी 83 काउंटी ने अपने सत्यापित परिणाम राजधानी लांसिंग को भेज दिये हैं।
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