डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति (फाइल)
- फोटो : ANI
कैलिफोर्निया में डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान एक व्यक्ति को बंदूक और भरी हुई हैंडगन के साथ गिरफ्तार किया है। सीक्रेट सर्विस ने बताया कि उसे गिरफ्तारी के बारे में पता था। इसके साथ ही शनिवार को हुई इस घटना के दौरान न तो ट्रंप और न ही रैली में शामिल होने वाले लोग किसी खतरे में थे। राष्ट्रपतियों और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठन ने एफबीआई और अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के साथ एक संयुक्त बयान में कहा कि हालांकि, इस समय कोई संघीय गिरफ्तारी नहीं की गई है, लेकिन जांच जारी है।
रिवरसाइड काउंटी शेरिफ कार्यालय की टीम ने बताया कि उस व्यक्ति की पहचान लास वेगास के 49 वर्षीय वेम मिलर के रूप में की गई है। उसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब 2 जनवरी को उसकी अदालत में सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि रैली के पास एक चेकपॉइंट पर तैनात डिप्टी ने मिलर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह एक काले रंग की एसयूवी में आया था। बाद में उन्होंने उसे एक स्थानीय हिरासत केंद्र में लोडेड बंदूक और उच्च क्षमता वाली मैगजीन रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले भी ट्रंप को दो बार निशाना बनाया जा चुका है। पहली बार पेंसिल्वेनिया में, जिसमें एक गोली ट्रंप के कान को छूती हुई निकल गई थी और दूसरा फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स में, जब गोल्फ कोर्स के बाहर से एक ओर हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले रिवरसाइड काउंटी शेरिफ चैड बियांको (एक ट्रंप समर्थक) ने शनिवार को कोचेला में रिपब्लिकन की रैली को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम में से कोई भी वास्तव में यह नहीं जान सकता कि उसके दिमाग में क्या था। अगर आप मुझसे अभी पूछ रहे हैं, तो शायद मेरे पास ऐसे डिप्टी थे, जिन्होंने तीसरी हत्या के प्रयास को रोका। उस व्यक्ति के पास कई पासपोर्ट और अलग-अलग नामों वाले आईडी थे, जो उसके वाहन में थे, जो अपंजीकृत था। उन्होंने कहा कि आगे कोई भी आरोप संघीय अधिकारियों द्वारा लगाया जाएगा।