राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 जनवरी को वाशिंगटन डीसी के पास हुई विमान-हेलीकॉप्टर की टक्कर के लिए अमेरिका की पुरानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने इसे बदलने का वादा किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह घटना तब हुई जब विचिटा, कंसास से उड़ान भरने वाला अमेरिका एयरलाइंस का एक विमान वाशिंगटन के पास रोनाल्ड रीगन नेशलन एयरपोर्ट पर उतरने वाला था और सेना का हेलीकॉप्टर ब्लैकहॉक उसके साथ टकरा गया। इस हादसे में दोनों विमानों में सवार सभी 67 लोग मारे गए।
नया सिस्टम होता तो बज जाता अलार्म
इस त्रासदी के तुरंत बाद, ट्रंप ने दुर्घटना के लिए विविधता भर्ती कार्यक्रमों को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन बृहस्पतिवार को उन्होंने देश के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने कंप्यूटर सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'यह आश्चर्यजनक है कि ऐसा हुआ।' उनका मानना है कि अगर नया सिस्टम होता, तो हेलीकॉप्टर को विमान के समान ऊंचाई पर पहुंचने पर अलार्म बज जाता।
पुराने सिस्टम को सुधारने में खर्च किए अरबों डॉलर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नए सिस्टम में निवेश करने के बजाय पुराने सिस्टम को सुधारने में अरबों डॉलर खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि अपने निजी जेट में, जब वह उतरते हैं तो दूसरे देश के सिस्टम का उपयोग करते हैं क्योंकि उनके पायलट का कहना है कि मौजूदा सिस्टम पुराना हो चुका है।
FAA की रिपोर्ट- नियंत्रक को मिला था अलर्ट
हालांकि, FAA की एक रिपोर्ट में कहा गया कि नियंत्रक को अलर्ट मिला था कि विमान और हेलीकॉप्टर करीब आ रहे हैं, जबकि वे अभी भी 1.6 किलोमीटर दूर थे। जांचकर्ताओं को यह पता लगाना है कि हेलीकॉप्टर और विमान की ऊंचाई क्या थी।
2001 के बाद से सबसे घातक विमान दुर्घटना
यह दुर्घटना 12 नवंबर, 2001 के बाद से अमेरिका में सबसे घातक रही है, जब एक जेट विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद न्यूयॉर्क शहर के पड़ोस में जा घुसा था, जिसमें सवार सभी 260 लोग और जमीन पर पांच लोग मारे गए थे।