अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का स्थित एक सैन्य अड्डे पर मिलेंगे। यहां वह यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करने वाले हैं। इस सैन्य अड्डे की शीत युद्ध के दौरान रणनीतिक भूमिका रही है। दूसरी तरफ, ट्रंप-पुतिन की आमने-सामने मुलाकात से यूक्रेन और यूरोप के नेताओं में चिंता है। उन्हें डर है कि कहीं इस बैठक के परिणाम रूस के पक्ष में न चले जाएं।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर आंतरिक योजना पर बात की। उन्होंने बताया कि यह बैठक शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एंकोरेज स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में होने वाली है। यह अड्डा 2010 में एल्मेंडॉर्फ एयर फोर्स बेस और आर्मी फोर्ट रिचर्डसन को मिलाकर बनाया गया था।
शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ की निगरानी में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
शीत युद्ध के दौरान इस अड्डे ने सोवियत संघ की निगरानी और रोकथाम में महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाई थी। यहां से विमानों और रडार सिस्टम के जरिये सोवियत सैन्य गतिविधियों और संभावित परमाणु हमलों पर नजर रखी जाती थी। अड्डे की वेबसाइट के अनुसार, उस समय इसे 'उत्तरी अमेरिका के लिए सर्वोच्च सुरक्षा' का आदर्श माना गया था।
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अड्डे पर आज भी महत्वपूर्ण विमान स्क्वाड्रन मौजूद
आज भले ही कुछ पुराना सैन्य सामान हटा दिया गया है, लेकिन यहां अब भी महत्वपूर्ण विमान स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिनमें F-22 रैप्टर स्टील्थ लड़ाकू जेट भी शामिल है। ये विमान अब भी समय-समय पर अमेरिकी हवाई क्षेत्र के पास आने वाले रूसी विमानों को रोकते हैं।
ट्रंप ने युद्ध को जल्द खत्म करने का किया था वादा
विडंबना यह है कि पुतिन उस अमेरिकी बेस पर आने वाले हैं, जिसे दशकों से रूस के खतरे से निपटने के लिए बनाया गया था। दोनों की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब ट्रंप यूक्रेन युद्धविराम समझौता कराने के लिए रूस पर दबाव बना रहे हैं। ट्रंप ने 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वे इस युद्ध को जल्दी खत्म करेंगे।
यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं को ये सता रहा डर
हालांकि, यूक्रेन और यूरोप के नेताओं को डर है कि ट्रंप और पुतिन की आमने-सामने बैठक का परिणाम रूस के पक्ष में निकल सकता है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ट्रंप इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि अमेरिका शिखर सम्मेलन में युद्धविराम चाहता है। मैक्रों ने ट्रंप, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के बीच एक वर्चुअल बैठक के बाद यह बात कही।
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ट्रंप ने कहा- वे पहली बैठक में स्थिति को समझेंगे
ट्रंप ने कहा कि किसी भी बड़े समझौते में जमीन का आदान-प्रदान शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जेलेंस्की और पुतिन आगे जाकर एक-दूसरे से सीधे मिल सकते हैं, या वे खुद दोनों से अलग-अलग मिल सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि पहली बैठक में वे स्थिति को समझेंगे और असली नतीजे शायद दूसरी बैठक में निकलेंगे। उनके मुताबिक, दूसरी बैठक पहली से ज्यादा उत्पादक हो सकती है।
बैठक के बाद पुतिन युद्ध रोकने पर न माने तो गंभीर परिणाम होंगे: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त की बैठक के बाद यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए नहीं माने तो इसके बेहद गंभीर परिणाम होंगे। बुधवार को यूरोपीय देशों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में ट्रंप ने यह बात कही। बैठक के बारे में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा, ट्रंप अलास्का में होने वाली शिखर बैठक के बाद युद्ध विराम का लक्ष्य हासिल करने को लेकर बेहद आश्वस्त हैं। हालांकि इसी बैठक में मौजूद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप के साथ बैठक से पहले पुतिन झांसा दे रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन के साथ संघर्ष के सभी मोर्चों पर पुतिन दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह पूरे यूक्रेन पर कब्जा करने में सक्षम हैं। पुतिन प्रतिबंधों के बारे में भी झांसा दे रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और प्रतिबंध अप्रभावी हैं। सच यह है कि प्रतिबंध बेहद मददगार साबित हुए हैं और रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं।