वियतनाम में होने वाले शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन हनोई पहुंच गए हैं। यहां दोनों नेताओं के बीच दूसरी शिखर वार्ता होनी है। वार्ता के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में उल्लेखनीय प्रगति की उम्मीदें की जा रही हैं। इससे पहले दोनों नेता पिछले साल जून में सिंगापुर में पहला शिखर सम्मेलन कर चुके हैं।
विश्लेषकों की मानें तो कि दूसरे शिखर सम्मेलन में इस बाबत कुछ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। वियतनाम के सीमाई स्टेशन डोंग डांग को किम के आगमन को लेकर सजाया गया था। किम अपने दादा और पिता की परंपरा का पालन करते हुए प्योंगयांग से चीन के रास्ते करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करके विशेष ट्रेन से वियतनाम पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों और सहयोगियों से घिरे किम का जबरदस्त स्वागत किया गया। उनके स्वागत में सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर का भी आयोजन हुआ।
किम के इंतजार में जमा थी लोगों की भीड़
परंपरागत माओ स्टाइल का काला सूट पहने और अंगरक्षकों से घिरे किम हनोई जाने के लिए मर्सिडीज बेंज और वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुए। हनोई में उनके इंतजार में सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा थी। बता दें कि इससे पहले किम जोंग उन के दादा किम दो सुंग 1964 में वियतनाम यात्रा पर आये थे।
ट्रंप ने किया ट्वीट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म कर उत्तर कोरिया आर्थिक ताकत बन सकता है। ऐसा नहीं करने पर वह पहले जैसा ही बना रहेगा। चेयरमैन किम बुद्धिमता से निर्णय लेंगे।’
गौरतलब है कि ट्रंप-किम की बैठक हनोई में बुधवार और गुरुवार को प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच पहली शिखर बैठक गत जून में सिंगापुर में हुई थी जो उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण कार्यक्रम पर बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हुई थी। दोनों नेताओं के बीच हनोई में होने वाली बैठक से इस बार काफी उम्मीदें की जा रही हैं।