अमेरिका और चीन के बीच कोरोना वायरस को लेकर शुरू हुआ वाकयुद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन को निशाने पर लिया है। ट्रंप ने कहा है कि चीन ने दुनिया भर में जो दर्द और नरसंहार का प्रसार किया है, वह उससे ध्यान हटाने की कोशिश के तहत व्यापक दुष्प्रचार अभियान चला रहा है।
ट्रंप ने चीन द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने को लेकर निराशा जताई और दावा किया कि चीन की अक्षमता की वजह से दुनिया भर में बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है।
ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट किया कि चीन बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार अभियान चला रहा है, क्योंकि वह चाहता है कि सुस्त जो बाइडेन राष्ट्रपति पद की दौड़ में जीत जाएं ताकि वह अमेरिका का शोषण करना जारी रख सके जैसा वह मेरे आने तक दशकों तक कर रहा था।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि चीन की तरफ से प्रवक्ता मूर्खतापूर्ण बातें करते हैं और उस दर्द और नरसंहार से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं जो उनके देश ने दुनिया भर में फैलाया है। उसका दुष्प्रचार और अमेरिका तथा यूरोप पर दुष्प्रचार हमला एक अपमान है...यह सब शीर्ष से हो रहा है। वह मुसीबत को आसानी से रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं किया।
ट्रंप ने दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया और उस पर अक्षमता का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने कहा कि चीन में कुछ नासमझ लोग बयान जारी कर चीन के अलावा वायरस के लिए सबको जिम्मेदार ठहराते हैं, जो हजारो लोगों की जान ले चुका है। कृपया इस मुर्ख व्यक्ति को समझाइए कि यह चीन की अक्षमता थी, जिससे दुनिया भर में बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई। इसके अलावा कुछ नहीं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिआन ने पिछले महीने कहा था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोविड-19 के बारे में बताने वाला चीन पहला देश था। इसका मतलब यह नहीं है कि वायरस की उत्पत्ति वुहान से हुई है... कभी कुछ नहीं छुपाया गया है और न हम छुपाएंगे।
कोरोना वायरस पिछले साल दिसंबर में सबसे पहले चीन के वुहान में सामने आया था। यह वायरस दुनियाभर में 3,30,000 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है और 51 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर चुका है।