अमेरिका की एक वरिष्ठ राजनयिक ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 ने चिंता और अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि भारतीय छात्र पढ़ने के लिए देश में आएं।
दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों की निवर्तमान प्रधान उप सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने वाशिंगटन डीसी स्थित थिंक टैंक से कहा कि अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि भारतीय छात्र पढ़ने के लिए देश में आएं। हालांकि महामारी के कारण अभी वीजा प्रक्रिया चालू नहीं है।
उन्होंने अटलांटिक काउंसिल द्वारा हुई ऑनलाइन चर्चा में भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा से कहा कि मुझे लगता है कि यह एक मुद्दा होने जा रहा है। भारत के 2,00000 से अधिक छात्र अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं और चीन के बाद अमेरिका में विदेशी छात्रों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है।
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण लगभग सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। वेल्स ने कहा कि कोविड-19 ने अमेरिकी और विदेशी दोनों छात्रों के लिए भारी चिंता और अनिश्चितता की स्थिति पैदा की है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जब स्थिति सामान्य होगी तब हम अमेरिका में भारतीय छात्रों के आगमन को बढ़ाने के लिए हरसंभव कदम उठाएं।
पिछले साल अमेरिका में भारत के 2,00000 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम खुले दिल से इस ओर आगे बढ़ने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्र देशों के बीच राजदूतों की तरह काम करते हैं और उनका लक्ष्य अमेरिका में भारतीय छात्रों को लाना है।