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Germany: जर्मनी में आर्थिक संकट, प्रवास और दक्षिणपंथियों की बढ़ती ताकत के बीच मतदान, इस दल के जीतने की संभावना

Sun, 23 Feb 2025 02:51 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन

सार

जर्मनी में आज एक महत्वपूर्ण चुनाव हो रहा है, जिसमें देश के 8.4 करोड़ लोगों में से 5.9 करोड़ से अधिक मतदाता भाग ले रहे हैं। इस चुनाव में नए सरकार का निर्माण होगा, जो देश की वर्तमान चुनौतियों जैसे कि आर्थिक मंदी, प्रवासन के मुद्दे और यूक्रेन व अमेरिका के साथ गठबंधन से निपटने के लिए तैयार होगी।
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जर्मनी में चुनाव (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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जर्मनी में आम चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं, जहां मतदाता एक नई सरकार चुनेंगे। वहीं यह चुनाव आर्थिक मंदी, प्रवासन को रोकने के दबाव और यूरोप-अमेरिका संबंधों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच हो रहा है। इस चुनाव में दक्षिणपंथी विपक्षी दल की जीत की संभावना जताई जा रही है, जबकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार एक अतिवादी दक्षिणपंथी दल को भी ऐतिहासिक बढ़त मिलने की उम्मीद है।
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जर्मनी में चुनाव क्यों अहम है?
जर्मनी यूरोपियन यूनियन का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और नाटो का प्रमुख सदस्य भी है। यह यूक्रेन को सबसे ज्यादा हथियार देने वाले देशों में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आता है। आम चुनाव के नतीजे जर्मनी के अलावा पूरे यूरोप पर असर डाल सकते हैं, खासकर जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की अगली सरकार के आने की संभावनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ट्रंप प्रशासन के संभावित नीतिगत बदलाव यूरोप की सुरक्षा और व्यापार नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

कितने लोग मतदान करेंगे और सरकार कैसे बनेगी? 
जर्मनी में करीब 5.9 करोड़ मतदाता जर्मनी की 630 सदस्यीय संसद के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। यहां की चुनावी प्रक्रिया आमतौर पर किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं देती, इसलिए चुनाव के बाद दो या अधिक पार्टियों को मिलकर सरकार बनानी होगी। यह गठबंधन बनाने की प्रक्रिया कई हफ्तों या महीनों तक खिंच सकती है। यह चुनाव तय समय से 7 महीने पहले हो रहा है, क्योंकि मौजूदा चांसलर ओलाफ शोल्ज की गठबंधन सरकार नवंबर में गिर गई थी। उनके नेतृत्व वाली तीन दलों की सरकार आपसी मतभेदों के कारण कमजोर हो गई थी।  
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अगला चांसलर कौन बन सकता है?  
फ्रेडरिक मर्ज - सेंटर-राइट यूनियन ब्लॉक के नेता फ्रेडरिक मर्ज को चुनावी सर्वे में 28-32% वोट मिलने का अनुमान जताया गया है, जो इस रेस में सबसे आगे हैं।
ओलाफ शोल्ज - वर्तमान चांसलर और सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी) पार्टी के नेता हैं, जिन्हें सर्वे में 14-16% वोट, यानी उनकी पार्टी का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन हो सकता है।  
एलिस वैडेल - दक्षिणपंथी, प्रवासन विरोधी 'ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) पार्टी की उम्मीदवार। यह पार्टी इस बार लगभग 20% वोट हासिल कर सकती है, जो इसका अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन होगा। लेकिन मुख्यधारा की पार्टियां इस पार्टी के साथ सरकार बनाने को तैयार नहीं हैं। 
रॉबर्ट हैबेक - ग्रीन पार्ट के नेता और वर्तमान उप-चांसलर हैं, इनकी पार्टी का समर्थन भी सोशल डेमोक्रेट्स से थोड़ा ही कम दिख रहा है।  

अगर फ्रेडरिक मर्ज जीतते हैं, तो उन्हें सरकार बनाने के लिए एक या दो अन्य पार्टियों की जरूरत होगी।
  • उनके लिए संभावित सहयोगी हो सकते हैं-
  • ग्रीन पार्टी
  • सोशल डेमोक्रेट्स (एसपीडी)
  • फ्री डेमोक्रेट्स

फ्री डेमोक्रेट्स और कुछ अन्य छोटे दलों को संसद में प्रवेश करने के लिए 5% वोट हासिल करने होंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाए, तो मर्ज को सरकार बनाने के लिए ज्यादा दलों से गठबंधन करना होगा।

जर्मनी में मुख्य चुनावी मुद्दे क्या हैं?
  • अर्थव्यवस्था की हालत खराब
  • जर्मनी की अर्थव्यवस्था पिछले दो साल से लगातार सिकुड़ रही है।
  • राजनीतिक दल इसे सुधारने के लिए अलग-अलग रणनीतियां पेश कर रहे हैं।

प्रवास और सुरक्षा
  • हाल ही में प्रवासियों की तरफ से किए गए हमलों के कारण यह मुद्दा गरमाया।  
  • मर्ज ने अवैध प्रवास को रोकने और नागरिकता कानून सख्त करने का वादा किया।  
  • उन्होंने संसद में एक प्रस्ताव रखा कि अधिक संख्या में शरणार्थियों को जर्मनी की सीमा पर ही रोका जाए।  
  • यह प्रस्ताव AfD के समर्थन से पास हुआ, जिससे मर्ज़ पर दक्षिणपंथियों के करीब जाने का आरोप लगा।
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यूक्रेन को सैन्य समर्थन जारी रहेगा या नहीं?
  • जर्मनी ने अब तक यूक्रेन को सैन्य सहायता दी है।  
  • NATO की रक्षा बजट नीति के तहत, अगले चांसलर को 2027 तक रक्षा बजट में और वृद्धि करनी होगी। 
  • अमेरिका के भविष्य के राष्ट्रपति चुनावों पर भी निर्भर करेगा कि जर्मनी को अपनी रक्षा नीति में क्या बदलाव करने होंगे।
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