नई दिल्ली और बीजिंग के बीच कूटनीतिक संबंधों में आई नरमी को मजबूत करने की कोशिशों के बीच क्वाड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों को तेज करने के लिए प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका ने हाल ही में टोक्यो में एक टेबलटॉप अभ्यास पूरा किया, जिसका उद्देश्य क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (आईपीएलएन) को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक स्वरूप देना था। विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान के मुताबिक, चारों देशों ने नेटवर्क के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को लेकर ‘महत्वपूर्ण प्रगति’ की है। इन प्रक्रियाओं के जरिए आईपीएलएन के लिए एक औपचारिक संस्थागत ढांचा तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों पर जोर
जापान के रक्षा मंत्रालय की मेजबानी में 3 और 4 सितंबर को आयोजित इस अभ्यास में प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों का काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर चारों देशों की तैयारियों को परखा गया। अधिकारियों ने यह आकलन किया कि चारों साझेदार देशों के पास पहले से मौजूद लॉजिस्टिक्स संसाधनों को किस तरह एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान आपसी तालमेल और संचालन क्षमता को बेहतर बनाया जा सके। अभ्यास का मुख्य जोर साझा संसाधनों के इस्तेमाल, समन्वित कार्रवाई और विभिन्न देशों की व्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर रहा।
हवाई से गुआम तक बढ़ा सहयोग
टोक्यो में हुआ यह अभ्यास आईपीएलएन के अप्रैल 2025 में हवाई में आयोजित शुरुआती टेबलटॉप अभ्यास के बाद हुआ है। इसके बाद दिसंबर में गुआम में एक फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज भी आयोजित की गई थी। इस पूरी कवायद के दौरान केवल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि संकट की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन राहत अभियानों के समन्वय के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडलों ने हाल में आई बाढ़ से प्रभावित आबादी के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
2024 में नागरिक पहल के तौर पर हुई थी शुरुआत
आईपीएलएन की शुरुआत सितंबर 2024 में क्वाड देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान एक नागरिक पहल के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य चारों देशों के मौजूदा लॉजिस्टिक्स संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत यानी एचएडीआर अभियानों को अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से संचालित करना है। इस नेटवर्क को किसी सैन्य गठबंधन के रूप में नहीं, बल्कि आपदा या मानवीय संकट के समय उपलब्ध संसाधनों को बेहतर तरीके से जोड़ने वाली व्यवस्था के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
मोदी-शी मुलाकात के तुरंत बाद हुआ टोक्यो अभ्यास
टोक्यो में यह अभ्यास ऐसे समय हुआ जब इससे ठीक पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। दोनों नेताओं की मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई और इसमें हाल के कूटनीतिक सुधार की गति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। यह सात वर्षों में राष्ट्रपति शी की पहली भारत यात्रा थी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में बुनियादी जरूरत है। उन्होंने मौजूदा समझौतों और आपसी सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वहीं, बीजिंग ने ‘समानांतर प्रगति’ की रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि सीमा विवाद के समाधान के प्रयासों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सहयोग भी आगे बढ़ना चाहिए।
सीमा पर सैन्य और कूटनीतिक तंत्र सक्रिय
दोनों सरकारों ने इस बात को भी रेखांकित किया कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय कूटनीतिक और सैन्य तंत्र अब भी उपयोगी हैं। इस संदर्भ में 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता का उल्लेख किया गया, जो 25 अगस्त को हुई थी। इसके अलावा 6 और 7 सितंबर को वरिष्ठ कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग भी आयोजित की गई। भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशों के बीच इन संवाद तंत्रों को सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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क्वाड को लेकर चीन की आपत्ति के बीच बढ़ा सहयोग
क्वाड लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि वह कोई सैन्य गठबंधन नहीं है और उसका ध्यान समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तथा मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों पर है। इसके बावजूद चीन इस समूह को एक विशेष गुट के रूप में देखता रहा है और आरोप लगाता रहा है कि इसका उद्देश्य चीन को घेरना और उसकी बढ़ती भूमिका को सीमित करना है। नई दिल्ली ने चीन के इस नजरिए को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। टोक्यो में आईपीएलएन अभ्यास का समापन ऐसे समय हुआ है जब क्वाड के बाकी तीन सदस्य देशों के साथ भारत की द्विपक्षीय रक्षा गतिविधियों का एक व्यापक सिलसिला भी जारी है।