अमेरिका ने भारत समेत उन पांच देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की जो अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर (डीएसटी) लगा रहे हैं या लगाने पर विचार कर रहे हैं।
हालांकि, इसके तुरंत बाद इस कर को छह माह के लिए निलंबित करने की घोषणा भी कर दी गई। इन देशों में भारत के अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, इटली, स्पेन और तुर्की शामिल हैं और यह निलंबन 180 दिनों का है।
अमेरिका ने आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) और जी-20 में अंतरराष्ट्रीय कराधान को लेकर चल रही बहुपक्षीय वार्ता के पूरा होने के लिए समय देते हुए छह माह के लिए यह अतिरिक्त शुल्क लगाने के साथ ही निलंबित कर दिया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई के मुताबिक, सभी छह देशों द्वारा अपनाए गए डीएसटी पर एक साल की जांच के समापन की घोषणा की गई है।
यूएसटीआर ने कहा, जांच के बाद इन देशों से आने वाली कुछ वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ का फैसला लिया गया। हालांकि, इसे 180 दिन निलंबित किया गया है।
ताई ने कहा, अमेरिका ओईसीडी और जी-20 प्रक्रिया के जरिये अंतरराष्ट्रीय कराधान पर आम सहमति के लिए प्रतिबद्ध है। आज की कार्रवाई वार्ता जारी रखने के लिए समय देने के साथ भविष्य में धारा-301 के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाने का विकल्प देती है।
25 फीसदी तक अधिक अतिरिक्ति शुल्क का प्रस्ताव
गत वर्ष मार्च में यूएसटीआर ने भारत समेत उन देशों पर जवाबी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा था, जो अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनियों पर डीएसटी लगा रहे थे या लगाने की तैयारी में हैं।
यूएसटीआर ने इस देशों पर 25 फीसदी तक अधिक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था, ताकि अमेरिका भी भारतीय सामानों पर इतना शुल्क वसूल कर सके, जितना अमेरिकी कंपनियों पर भारत में डीएसटी लग रहा है। यूएसटीआर ने भारत समेत अन्य देशों पर डीएसटी लागू करने को लेकर 2 जून, 2020 को जांच शुरू की थी।
डीएसटी में कोई भेदभाव नहीं : भारत
भारत का स्पष्ट कहना रहा है कि डीएसटी भेदभाव करने वाला नहीं है। यह सिर्फ भारत में स्थायी स्थापना वाली संस्थाओं द्वारा की गई ई-कॉमर्स गतिविधियों के संबंध में समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
अमेरिकी घोषणा के बाद भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त शुल्क का स्थगन, फ्रांस पर हुई डीएसटी जांच के समान है जहां यूएसटीआर ने ओईसीडी में वार्ता आगे बढ़ाने के लिए पहले छह महीने की देरी की और उसके बाद अनिश्चित काल के लिए अतिरिक्त शुल्क स्थगित कर दिया।
भारत में डीएसटी का स्वरूप
डिजिटल सर्विस टैक्स (डीएसटी) की वर्तमान दर 2 फीसदी है। डिजिटल सर्विस टैक्स ऐसे राजस्व पर लागू होता है, जिसे अनिवासी डिजिटल सेवा प्रदाताओं द्वारा भारत में दी जाने वाली डिजिटल सेवाओं के माध्यम से अर्जित किया जाता है। इन सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवाएं, डिजिटल सामग्री की बिक्री और डाटा से संबंधित सेवाएं आदि शामिल हैं। यह कर गूगल और फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों पर लगना है।
फ्रांस में पारित हुआ ‘गाफा’ कानून
विशेषज्ञों के मुताबिक कई देश इस तरह के कदम उठा चुके हैं। फ्रांस के सांसदों ने हाल ही में फेसबुक और एपल जैसी कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने की स्वीकृति दे दी है। इस कानून को ‘गाफा’ (गूगल, अमेजन, फेसबुक और एपल) नाम दिया गया है। यह विधेयक ऐसे समय में आया है, जब दुनिया की कुछ सबसे अमीर फर्मों द्वारा न्यूनतम भुगतान करने को लेकर सार्वजनिक नाराजगी है।