US: कोर्ट के आदेश के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को ओवल ऑफिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश नहीं करने दिया। ट्रंप प्रशासन ने फैसले पर रोक लगाने के लिए अपील कोर्ट में याचिका दायर की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले की ओवल ऑफिस में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद इसमें एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक रिपोर्टर और फोटोग्राफ को अंदर जाने से रोक दिया गया।
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पिछले हफ्ते एक संघीय कोर्ट ने आदेश दिया था कि ट्रंप प्रशासन एपी को इसलिए सजा नहीं दे सकता कि उसने 'मैक्सिको की खाड़ी' का नाम बदलने से इनकार किया। कोर्ट का यह फैसला सोमवार को लागू होना था। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इस फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है। उसका कहना है कि जब तक अपील पर सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक किसी बदलाव की जरूरत नहीं है।
इस मामले पर अगली सुनवाई गुरुरवार को डीसी सर्किट अपील कोर्ट में होगी। ट्रंप प्रशासन ने फैसले को रोकने की मांग की है। उधर, एपी चाहता है कि उसे जल्द से जल्द दोबारा पूरी पहुंच मिले।
क्या है विवाद?
एपी पत्रकारों और फोटोग्राफर को फरवरी के मध्य में ओवल ऑफिस और एयरफोर्स वन (राष्ट्रपति का विमान) की रिपोर्टिंग से रोका गया था। हालांकि, उन्हें व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की नियमित ब्रीफिंग में जाने की अनुमति है। लेविट उन तीन अधिकारियों में से हैं, जिनके खिलाफ एपी ने मुकदमा दायर किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर अमेरिका किया था। लेकिन एपी ने अपनी इसका नाम नहीं बदला। कोर्ट ने माना कि ये अभिव्यक्ति का अधिकार है और सरकार मीडिया को इस कारण सजा नहीं दे सकती।
कोर्ट ने क्या कहा?
जज ट्रेवर एन. मैकफैडन ने शुक्रवार को ट्रंप की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने फैसले को और देर से लागू करने की मांग की थी। अब राष्ट्रपति ने इसी बात को लेकर अपील कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एपी की प्रवक्ता लॉरेन ईस्टन ने सोमवार को कहा,'हम उम्मीद करते हैं कि कोर्ट के आदेश के अनुसार आज से व्हाइट हाउस एपी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वापस शामिल करेगा।'