ईरान युद्ध को लेकर पहले विरोध झेल रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए उनकी निर्वासन नीति अगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में पार्टी को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। यह खुलासा रॉयटर्स-इप्सोस सर्वेक्षण में हुआ है। सोमवार को पूरे हुए छह दिन के इस सर्वेक्षण में 52 फीसदी अमेरिकी ट्रंप की निर्वासन नीति की वकालत करने वाले उम्मीदवारों का कम समर्थन करने की बात कहते हैं, जबकि 42 फीसदी इसके पक्ष में हैं।
57% ऐसे मतदाता है चाहते हैं नया उम्मीदवार
निर्दलीय मतदाताओं में निर्वासन नीति को लेकर विरोध अधिक है। इनमें से 57 फीसदी ऐसे मतदाता है जो ऐसा उम्मीदवार चाहते हैं जो ट्रंप की इस नीति का विरोध करें, जबकि 32 फीसदी समर्थन करते हैं। इससे रिपब्लिकन के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत बचाना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ईरान के साथ अमेरिका- इस्राइल युद्ध की वजह से पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पार्टी पहले से ही दबाव में है।
नीति के चलते अलोकप्रिय हुए ट्रंप
रिपब्लिकन सांसदों ने लगभग सभी ने अप्रवासन पर ट्रंप के सख्त रवैये का समर्थन किया है। यह 2024 का चुनाव जीतने के बाद से पार्टी पर ट्रंप के बढ़ते दबदबे को दिखाता है। नतीजन, जनवरी 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद 50 फीसदी लोग उनकी नीति से संतुष्ट थे, जो अब घटकर 40 फीसदी रह गया है। हालांकि, मास्क पहने एजेंटों की तैनाती और दो अमेरिकी नागरिकों की मौत जैसे मामलों ने इस मामले में उनका समर्थन कम किया। इस नवीनतम ऑनलाइन सर्वेक्षण में केवल 40 फीसदी उत्तरदाताओं ने इस मुद्दे पर ट्रंप के प्रदर्शन को मंजूरी दी। इसमें देश भर में 4,557 अमेरिकी वयस्कों से प्रतिक्रियाएं ली गई और महज दो फीसदी अंकों की गलती की गुंजाइश थी।
सेंटर-लेफ्ट संगठन थर्ड वे की सामाजिक नीति निदेशक सारा पियर्स के मुताबिक, लॉस एंजिलिस, शिकागो और मिनियापोलिस जैसे कई शहरों की घटनाओं ने अमेरिकियों पर गहरा प्रभाव डाला है और इनका असर लंबे वक्त तक बना रहेगा। जिसके चलते ट्रंप को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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विरोध के चलते गिरफ्तारियों में गिरावट
हाल के हफ्तों में ट्रंप प्रशासन ने देश के अंदर प्रवासियों को हिरासत में लेने की अपनी कार्रवाई कम कर दी है। यह दिसंबर की रोजाना लगभग 1300 गिरफ्तारी से घटकर मार्च में यह 1000 के आसपास हो गई, लेकिन फिर भी जनवरी 2025 में बताई गई दैनिक गिरफ्तारियों के दोगुने से भी अधिक है। महज 25 फीसदी लोग मानते हैं कि सख्ती कम हुई है, जबकि 70 फीसदी नरमी चाहते हैं। 84 फीसदी अमेरिका सुरक्षित सीमाओं के पक्ष में हैं और 87 फीसदी कानून लागू करने के समर्थन में। साथ ही 76 फीसदी नौकरी करने वाले और बिना अपराध रिकॉर्ड वाले अवैध प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने के पक्ष में हैं।
पार्टी में उठ रहे विरोध के स्वर
कुछ रिपब्लिकन नेता नरम रुख अपनाने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस में दक्षिण फ्लोरिडा के एक जिले का प्रतिनिधित्व करने वाली रिपब्लिकन मारिया एल्विरा सालाजार ने ऐसे प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, पार्टी के कट्टरपंथी इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन सालाजार इसे ट्रंप के एजेंडे के अनुरूप बताती हैं और पार्टी में बढ़ते मतभेद पर फिक्र जताती हैं।