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Denmark: डेनमार्क ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, गोपनीय तरीके से दखलंदाजी की रिपोर्ट के बाद उठाया कदम

Wed, 27 Aug 2025 03:13 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोपेनहेगन

सार

Denmark: डेनमार्क ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े तीन कथित अमेरिकी नागरिकों पर ग्रीनलैंड में गोपनीय प्रभाव डालने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन अभियानों का मकसद ग्रीनलैंड और डेनमार्क के संबंधों को कमजोर करना है। डेनमार्क ने इसे अपनी आंतरिक राजनीति में दखल मानते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है।
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डेनमार्क में अमेरिकी दूतावास - फोटो : एक्स/डेनमार्क में अमेरिकी दूतावास
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विस्तार
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डेनमार्क के विदेश मंत्री ने अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब किया है। यह कदम तब उठाया गया, जब देश के राष्ट्रीय प्रसारक ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े तीन लोग ग्रीनलैंड में गोपनीय तरीके से प्रभाव डालने वाले अभियान चला रहे हैं।
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ग्रीनलैंड, आर्कटिक क्षेत्र में स्थित एक विशाल और अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र है। ट्रंप ने इस क्षेत्र को खरीदने में रुचि दिखाई थी। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह द्वीप बिक्री के लिए नहीं है। उन्होंने अमेरिका की ओर से वहां खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिशों की निंदा की है।

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सरकारी प्रसारक डीआर ने बुधवार को बताया कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के कुछ अज्ञात सूत्रों, साथ ही ग्रीनलैंड और अमेरिका के कुछ नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों का मानना है कि ट्रंप से जुड़े कम से कम तीन अमेरिकी लोग ग्रीनलैंड में गुप्त प्रभाव डालने वाले अभियान चला रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इस खबर की जानकारी आठ अलग-अलग स्रोतों से मिली है। उनका मानना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ग्रीनलैंड की जनता के बीच से डेनमार्क के साथ संबंधों को कमजोर करना है। हालांकि, डीआर की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि अमेरिकी व्यक्ति अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं या किसी के आदेश पर।

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने एक बयान में कहा, हम जानते हैं कि विदेशी ताकतें ग्रीनलैंड और डेनमार्क में इसकी स्थिति को लेकर रुचि रखती हैं। इसलिए अगर कोई बाहरी ताकत डेनमार्क के भविष्य को प्रभावित करने की कोशिश करती है, तो यह हैरानी की बात नहीं है। 
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उन्होंने आगे कहा, डेनमार्क के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह की दखलंदाजी बिल्कुल अस्वीकार्य है। इसी कारण मैंने विदेश मंत्रालय से कहा है कि अमेरिका के प्रभारी राजनयिक को बैठक के लिए बुलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों के बीच सहयोग मजबूत और आपसी विश्वास पर आधारित है।


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