डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से एच-1बी वीजाधारकों के देश में प्रवेश पर लगाए प्रतिबंध से कुछ स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों को छूट देने की अपील की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कर्मचारियों के संरक्षण के लिए एच-1बी वीजा और अन्य प्रकार के विदेशी कार्य वीजा को 2020 के अंत तक स्थगित कर दिया है।
एच-1बी वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है। यह एक गैर आव्रजक वीजा है। इसके जरिये अमेरिकी कंपनियां तकनीकी या अन्य विशेषज्ञता वाले पदों पर विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकती हैं।
विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, होमलैंड सुरक्षा के कार्यकारी मंत्री चाड वुल्फ और श्रम मंत्री युजिन स्कालिया को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा, प्रतिबंधों ने बड़े पैमाने पर विशेष रूप से ग्रामीण और अशिक्षित समुदायों की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है, जो अधिकतर आव्रजक चिकित्सकों के आसरे हैं। भले ही कोरोना संबंधित देखभाल और शोध पर काम करने वाले व्यक्तियों को रियायत दी गई है, लेकिन इस संकट के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या सीमित करना अमेरिकी नागरिकों को जोखिम में डालता है। इस पत्र पर प्रतिनिधिसभा की न्यायपालिका समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नैडलर, रिचर्ड नील और आव्रजन व नागरिकता पर प्रतिनिधिसभा की उप समिति के उपाध्यक्ष जोए लोफग्रेन के हस्ताक्षर हैं।